Rujuta Diwekar Fitness Tips: बेहतर सेहत का मतलब सिर्फ वजन कम होना नहीं, रुजुता दिवेकर ने बताए तीन असली पैमाने
Rujuta Diwekar Fitness Tips: अक्सर लोग अच्छी सेहत का आकलन केवल तराजू पर दिखने वाले अंकों या शीशे में दिखने वाले अपने शरीर की बनावट से करते हैं। लेकिन मशहूर सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर का मानना है कि सेहत का असली अर्थ आपके शरीर और मस्तिष्क के काम करने के तरीके में छिपा है। अपनी हालिया इंस्टाग्राम पोस्ट में उन्होंने स्पष्ट किया कि फिटनेस का मतलब इंस्टाग्राम पर मिलने वाले लाइक्स या पेट का बिल्कुल सपाट होना नहीं है। रुजुता के अनुसार, वेलनेस एक व्यापक अनुभव है जो आपके रोजमर्रा के जीवन, खान-पान और मानसिक संतुलन से तय होता है। उन्होंने स्वस्थ रहने के तीन ऐसे मानक साझा किए हैं, जिनसे आप खुद जान सकते हैं कि आपकी जीवनशैली सही दिशा में है या नहीं।

शारीरिक क्षमता और बिना दर्द के सक्रियता
रुजुता दिवेकर ने अच्छी सेहत को मापने का पहला और सबसे महत्वपूर्ण आधार ‘क्षमता’ यानी कैपेसिटी को बताया है। इसका अर्थ है कि आपका शरीर दैनिक कार्यों या शारीरिक चुनौतियों को बिना किसी अतिरिक्त प्रयास या परेशानी के कितना झेल सकता है। रुजुता ने अपनी एक कजिन का उदाहरण देते हुए बताया कि कुछ साल पहले तक वह पहाड़ी रास्तों पर चलने में अक्षम महसूस करती थी। लेकिन सही डाइट और निरंतर एक्सरसाइज की बदौलत इस साल उसने न केवल पहाड़ी चढ़ाई पूरी की, बल्कि बिना किसी घुटने या जोड़ों के दर्द के वापस भी लौट आई। जब आपके शरीर की आंतरिक शक्ति बढ़ती है, तो आप बाहर से केवल फिट ही नहीं दिखते, बल्कि अंदर से अधिक आत्मविश्वास और मजबूती महसूस करते हैं।
मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता और पाचन का तालमेल
स्वस्थ होने का दूसरा बड़ा संकेत आपकी इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता है। रुजुता के मुताबिक, यदि आप शादी-ब्याह या पार्टियों में शामिल होते हैं और वहां के खान-पान के बाद भी आपको एसिडिटी, पेट फूलना (ब्लोटिंग), सिरदर्द या माइग्रेन जैसी समस्याएं नहीं होतीं, तो इसका मतलब है कि आपका शरीर अंदर से मजबूत है। एक अच्छी जीवनशैली का असर यह होता है कि समय के साथ आपकी दवाइयों और एंटीबायोटिक्स पर निर्भरता कम होने लगती है। अगर आप मौसम बदलने पर तुरंत फ्लू की चपेट में नहीं आते और आपका पाचन तंत्र सुचारू रूप से काम कर रहा है, तो यह आपकी ‘गुड हेल्थ’ का एक पुख्ता प्रमाण है।
भावनात्मक संतुलन और मानसिक स्थिरता
शारीरिक तंदुरुस्ती के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य भी अच्छी सेहत का एक अनिवार्य हिस्सा है। रुजुता दिवेकर ने इसे तीसरा पैरामीटर बताया है। उनके अनुसार, जब आप अपने गुस्से पर नियंत्रण करना सीख जाते हैं और अपनी ऊर्जा को सकारात्मक कार्यों में लगाते हैं, तो यह मानसिक मजबूती का लक्षण है। यदि आप दूसरों की फिजूल की बातों या सोशल मीडिया के नकारात्मक कमेंट्स से परेशान होना बंद कर देते हैं और भावनात्मक रूप से स्थिर महसूस करते हैं, तो आप वास्तव में एक खुशहाल और स्वस्थ जीवन जी रहे हैं। दयालुता और दूसरों के प्रति सहानुभूति रखना भी आपके मस्तिष्क के स्वस्थ होने का एक बड़ा संकेत है।
अंततः, रुजुता की सलाह है कि अपनी फिटनेस को केवल बाहरी दिखावे से न तौलें। अपनी कार्यक्षमता, रोग प्रतिरोधक शक्ति और मानसिक शांति पर ध्यान दें। यदि ये तीनों चीजें आपके जीवन में बेहतर हो रही हैं, तो समझ लीजिए कि आप सही मायनों में सेहतमंद हो रहे हैं। खान-पान को सरल रखें और शरीर की प्राकृतिक जरूरतों का सम्मान करें।