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Parliament-India – क्षेत्रीय चिंताओं के बीच बजट सत्र में तीखी बहसें हुईं

Parliament-India – संसद का बजट सत्र इस बार सिर्फ विधायी कामकाज ही नहीं बल्कि राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं और नेताओं के स्पष्ट रुख की वजह से भी चर्चा में है। मंगलवार को संसद परिसर में देखा गया कि विकास कार्यों और स्थानीय मुद्दों को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच तीखी बहस हुई। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सांसदों को सदन की गरिमा बनाए रखने का महत्व समझाया।

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राज्यसभा में मुलाकात के दौरान उठे सवाल
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू की मुलाकात एक दिलचस्प मोड़ लेकर आई। नायडू जब सीढ़ियों पर अपनी कार का इंतजार कर रहे थे, खरगे वहां पहुंचे और तुरंत कलबुर्गी हवाई अड्डे के निलंबित विमान सेवाओं पर सवाल उठा दिया। यह हवाई अड्डा पिछले साल अक्टूबर से बंद पड़ा है। नायडू ने आश्वासन दिया कि यह मंत्रालय की प्राथमिकता सूची में है और सेवाएं जल्द बहाल की जाएंगी, लेकिन खरगे ने स्पष्ट रूप से समय सीमा पूछते हुए जवाब मांगा।

विपक्ष का दबाव और मंत्रालय की प्रतिक्रिया
मंत्री ने बार-बार ‘जल्द ही’ का आश्वासन दिया, तभी खरगे सदन में दाखिल हुए। यह घटना दर्शाती है कि विपक्ष स्थानीय और क्षेत्रीय विकास के मामलों में सरकार पर लगातार दबाव बनाए रखने का कोई मौका नहीं छोड़ रहा है।

सदन में सक्रिय रहना जरूरी, PM मोदी की चेतावनी
संसद में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NDA संसदीय दल की बैठक में सांसदों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि कई सांसद कार्यवाही के दौरान सदन में मौजूद नहीं रहते और बाहर कैफेटेरिया या अन्य जगहों पर समय बिताते हैं। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा, “जनता ने आपको अपने मुद्दों को उठाने और कार्यवाही में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए चुना है। सांसदों को अधिकतम समय सदन में बिताना चाहिए।”

उपस्थिति पर चिंता और जवाबदेही का संदेश
प्रधानमंत्री की चेतावनी उन रिपोर्टों के बीच आई है जिनमें सांसदों की कम उपस्थिति को लेकर चिंता जताई गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर जनप्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारी के प्रति जवाबदेह है और इसका पालन करना आवश्यक है।

बीजेपी सांसद की नाराजगी का मामला
राज्यसभा में मंगलवार को बीजेपी सांसद देबाशीष सामंतराय ने कटक प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में उन्हें आमंत्रित न किए जाने पर नाराजगी जताई। यह मामला नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती से जुड़ा था। 23 जनवरी को कटक में ‘नेताजी संस्कृति भवन’ के उद्घाटन समारोह में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि थे। सामंतराय ने कहा कि वे उसी जिले से पूर्व विधायक और वर्तमान सांसद होने के बावजूद आमंत्रित नहीं किए गए। उन्होंने इसे गरिमा का उल्लंघन बताते हुए विशेषाधिकार हनन का नोटिस देने की मांग की।

सत्र में बढ़ता राजनीतिक तनाव और स्थानीय मुद्दे
संसद का यह सत्र स्पष्ट रूप से दिखा रहा है कि न केवल विधायी कार्यवाही बल्कि राजनीतिक संवाद और क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर सांसदों के बीच सक्रियता बढ़ रही है। विपक्ष लगातार सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने के साथ-साथ स्थानीय जनता के मुद्दों को भी प्रमुखता से सामने ला रहा है।

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