Liquor Mafia – अवैध शराब नेटवर्क पर कसा शिकंजा, माफिया घोषित हुए पांच कारोबारी
Liquor Mafia – उत्तर प्रदेश पुलिस ने अवैध शराब कारोबार से जुड़े मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए बरेली, उन्नाव और आजमगढ़ के पांच कारोबारियों को माफिया की श्रेणी में शामिल किया है। पुलिस रिकॉर्ड में इन व्यक्तियों को आधिकारिक रूप से चिन्हित कर उनके खिलाफ संगठित अपराध से संबंधित निगरानी और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना और ऐसे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करना है।

पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के बाद संबंधित व्यक्तियों के संपर्कों और कथित सहयोगियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। इसके लिए अलग-अलग स्तर पर जांच जारी है।
बारादरी पुलिस की रिपोर्ट पर हुई कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, बरेली के थाना बारादरी क्षेत्र से तैयार की गई रिपोर्ट के आधार पर पांच लोगों को माफिया घोषित किया गया है। इनमें बरेली, उन्नाव और आजमगढ़ के निवासी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इन व्यक्तियों के खिलाफ पहले से विभिन्न आपराधिक मामलों में मुकदमे दर्ज हैं और कई मामलों में जांच एवं कानूनी प्रक्रिया जारी है।
अधिकारियों का दावा है कि ये लोग संगठित तरीके से अवैध कारोबार से लाभ अर्जित करने के आरोपों के घेरे में रहे हैं। इसी आधार पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है।
पुराने मामले से फिर जुड़ी जांच
यह कार्रवाई सहारनपुर स्थित टपरी शराब फैक्ट्री से जुड़े बहुचर्चित मामले के बाद सामने आई है। वर्ष 2021 में सामने आए कथित कर चोरी और अनियमितताओं के मामले ने प्रदेश भर में चर्चा बटोरी थी। जांच एजेंसियों ने उस समय कई स्थानों पर मुकदमे दर्ज किए थे और बाद में जांच विशेष टीम को सौंप दी गई थी।
उस मामले में कई कारोबारी, फैक्ट्री से जुड़े कर्मचारी और कुछ सरकारी अधिकारी भी जांच के दायरे में आए थे। इसके बाद संगठित अपराध से जुड़े प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई की गई थी।
गैंगस्टर कानून के तहत हो चुकी है कार्रवाई
जांच के दौरान कई व्यक्तियों के खिलाफ गैंगस्टर अधिनियम के तहत भी मुकदमे दर्ज किए गए थे। अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल लोगों की भूमिका और वित्तीय लेनदेन की जांच अलग-अलग स्तर पर की गई थी।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, जिन व्यक्तियों को अब माफिया घोषित किया गया है, उनके खिलाफ पहले से विभिन्न आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें गैंगस्टर कानून से जुड़े प्रकरण भी शामिल बताए गए हैं।
सहयोगियों की पहचान पर फोकस
पुलिस का कहना है कि कार्रवाई केवल पांच व्यक्तियों तक सीमित नहीं रहेगी। जांच एजेंसियां अब उन लोगों की भी जानकारी एकत्र कर रही हैं जो कथित तौर पर इस नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। इसके लिए वित्तीय दस्तावेज, कारोबारी गतिविधियां और अन्य रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
अधिकारियों का मानना है कि संगठित अपराध पर प्रभावी रोक लगाने के लिए पूरे नेटवर्क की पहचान जरूरी है। इसी दिशा में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
संपत्तियों की भी होगी जांच
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने संकेत दिया है कि संबंधित व्यक्तियों की संपत्तियों का भी सत्यापन कराया जाएगा। यदि जांच में अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति के प्रमाण मिलते हैं, तो कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस का कहना है कि प्रदेश में अवैध शराब कारोबार और उससे जुड़े आर्थिक अपराधों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। किसी भी स्तर पर कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।