IndustrialTownship – यूपी समेत देशभर में 100 औद्योगिक टाउनशिप विकसित करने की तैयारी
IndustrialTownship – देश में औद्योगिक विकास को नई गति देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने 100 औद्योगिक टाउनशिप विकसित करने की योजना पर काम तेज कर दिया है। इस पहल के तहत पहले चरण में 50 औद्योगिक टाउनशिप पर कार्य शुरू किया जा चुका है, जबकि 25 अन्य टाउनशिप के लिए राज्यों से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। उत्तर प्रदेश भी इस योजना में प्रमुख भूमिका निभाने की तैयारी कर रहा है और राज्य में 10 औद्योगिक टाउनशिप विकसित किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।

यूपी में 10 औद्योगिक टाउनशिप विकसित करने की योजना
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) के संयुक्त सचिव डॉ. जय प्रकाश शिवहरे ने बताया कि देशभर में उद्योगों के लिए आधुनिक बुनियादी ढांचा तैयार करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। वहीं, इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विजय किरण आनंद ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 10 औद्योगिक टाउनशिप स्थापित करने की तैयारी चल रही है। इसके लिए प्रमुख शर्त यह है कि प्रस्तावित क्षेत्र में कम से कम 90 प्रतिशत भूमि उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि राज्य के पास पर्याप्त भूमि बैंक मौजूद है और आधारभूत ढांचे के विकास के लिए केंद्र सरकार वित्तीय सहयोग भी उपलब्ध कराती है।
कारोबारी माहौल सुधारने पर सरकार का जोर
डॉ. शिवहरे ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में कारोबार करने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में भारत में 2.23 लाख से अधिक स्टार्टअप सक्रिय हैं, जिनमें वैश्विक स्तर पर भी रुचि दिखाई जा रही है। सरकार का उद्देश्य उद्योगों और उद्यमियों के लिए अधिक पारदर्शी तथा सुविधाजनक वातावरण तैयार करना है।
विदेशी निवेश में दर्ज हुई उल्लेखनीय बढ़ोतरी
विदेशी निवेश के मोर्चे पर भी भारत ने सकारात्मक प्रगति दर्ज की है। डॉ. शिवहरे के अनुसार, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के मामले में भारत की वैश्विक स्थिति पहले की तुलना में बेहतर हुई है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में देश में विदेशी निवेश में 18 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। साथ ही भारतीय कंपनियां भी अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी उपस्थिति मजबूत कर रही हैं, जिससे वैश्विक व्यापार में भारत की भागीदारी बढ़ रही है।
मुक्त व्यापार समझौतों से बढ़े व्यापारिक अवसर
सरकार ने पिछले पांच वर्षों में कई नए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान समय में भारत का 39 देशों के साथ मुक्त व्यापार संबंध है, जिनमें 27 यूरोपीय देश भी शामिल हैं। विभिन्न क्षेत्रों, उत्पादों और बाजारों की मांग का नियमित अध्ययन किया जा रहा है, ताकि उद्योगों को नए अवसर उपलब्ध कराए जा सकें। व्यापार बढ़ाने के लिए ट्रेड फेयर और रोड शो जैसे कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है।
जन विश्वास अधिनियम-3 पर उद्योग जगत से मांगे सुझाव
औद्योगिक संगठनों के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम में जन विश्वास अधिनियम-3 पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान उद्यमियों और उद्योग संगठनों से सुझाव आमंत्रित किए गए। इस पहल का उद्देश्य उद्योग जगत और सरकार के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना तथा प्राप्त सुझावों के आधार पर नीतिगत सुधार करना है। बैठक में एसोचैम, फिक्की, पीएचडीसीसीआई, डिक्की, लघु उद्योग भारती, आईआईए और सीआईआई सहित कई प्रमुख उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
पुराने कानूनों में सुधार और अनुपालन बोझ में कमी
डॉ. शिवहरे ने कहा कि जन विश्वास सुधारों के तहत कई अप्रासंगिक और पुराने कानूनों को समाप्त किया गया है। इससे उद्योगों पर अनुपालन संबंधी बोझ कम हुआ है और कारोबारी प्रक्रियाएं पहले की तुलना में अधिक सरल हुई हैं। सरकार निवेशकों के लिए पारदर्शी और भरोसेमंद व्यवस्था विकसित करने पर लगातार काम कर रही है।
नए निर्यात बाजारों की तलाश जारी
वैश्विक स्तर पर बदलती परिस्थितियों और कुछ क्षेत्रों में बढ़ती व्यापारिक चुनौतियों को देखते हुए भारत नए निर्यात बाजारों की तलाश कर रहा है। अधिकारियों ने उद्योगों से ऐसे उत्पाद विकसित करने का आग्रह किया है जो वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप हों और निर्यात क्षमता को बढ़ा सकें। सरकार अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक साझेदारियों के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दे रही है।
निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल बनाने की कोशिश
उत्तर प्रदेश सरकार भी निवेश आकर्षित करने के लिए कई कदम उठा रही है। विजय किरण आनंद ने बताया कि डिजिटल गवर्नेंस और नियामकीय प्रक्रियाओं के सरलीकरण के माध्यम से निवेशकों के लिए बेहतर वातावरण तैयार किया जा रहा है। निवेश मित्र 3.0 जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए उद्योगों को विभिन्न सेवाएं एकीकृत रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं।
विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए विशेष पहल
राज्य सरकार ने विदेशी निवेशकों की सहायता के लिए विशेष प्रकोष्ठ गठित किए हैं। इसके अलावा, प्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ट्रेड फेयर, रोड शो और निवेशक सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 तथा निवेश प्रोत्साहन से जुड़ी अन्य योजनाओं का व्यापक प्रचार भी किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक कंपनियां उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आगे आएं।