Lucknow Weather – राजधानी लखनऊ में फरवरी की शुरुआत में तापमान का अस्थिर रुख
Lucknow Weather – लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में फरवरी के शुरुआती दिनों में मौसम का मिजाज लगातार बदलता हुआ नजर आ रहा है। दिन और रात के तापमान में अचानक हो रहे उतार-चढ़ाव ने आम लोगों को ठंड और गलन दोनों का एहसास कराया है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, इसके पीछे पश्चिमी विक्षोभों की लगातार सक्रियता मुख्य कारण है।

न्यूनतम तापमान में अचानक गिरावट ने बढ़ाई ठंड
बीते कुछ दिनों में लखनऊ के न्यूनतम तापमान में तेजी से बदलाव दर्ज किया गया है। एक दिन पहले जहां पारा 14 डिग्री सेल्सियस से ऊपर था, वहीं अगले ही दिन यह करीब चार डिग्री गिरकर 10.9 डिग्री तक पहुंच गया। इससे पहले भी तापमान 7 डिग्री तक लुढ़क चुका है। इन लगातार बदलावों के कारण सुबह और रात के समय ठंड अधिक महसूस की जा रही है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में भी न्यूनतम तापमान में इसी तरह का उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
अधिकतम तापमान भी स्थिर नहीं, दिन में भी सर्दी का एहसास
केवल रात ही नहीं, दिन के तापमान में भी अस्थिरता देखने को मिल रही है। हाल ही में अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया था, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के बाद यह गिरकर 22.7 डिग्री पर आ गया। धूप निकलने के बावजूद ठंड का असर बना रहा। दिन के समय तापमान सामान्य से कम रहा, जिससे लोगों को धूप में भी राहत नहीं मिल सकी।
पश्चिमी विक्षोभ बने मौसम बदलाव की मुख्य वजह
मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत में लगातार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ ही मौसम के इस अस्थिर रुख के लिए जिम्मेदार हैं। हालांकि ये विक्षोभ उत्तर प्रदेश में बारिश नहीं कराएंगे, लेकिन इनके गुजरने के बाद तेज सतही हवाएं चलेंगी। यही हवाएं तापमान में गिरावट और गलन बढ़ाने का कारण बनेंगी।
उत्तर-पश्चिमी हवाओं से बढ़ेगी गलन
पश्चिमी विक्षोभ के निकलने के बाद अब उत्तर-पश्चिम दिशा से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इन हवाओं की वजह से ठंड का असर और तेज हो सकता है। खासतौर पर सुबह और शाम के समय गलन बढ़ने की उम्मीद है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिन लोगों को गर्म कपड़ों की जरूरत बनी रहेगी।
सुबह घना कोहरा, दोपहर में धूप का सिलसिला
मौसम में हो रहे बदलावों के बीच कोहरे की वापसी भी देखने को मिल रही है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कम होते ही मैदानी इलाकों में सुबह घना कोहरा छाने लगा है। प्रदेश के कई जिलों में दृश्यता काफी कम दर्ज की गई है। अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों तक सुबह के समय कोहरा बना रहेगा, हालांकि धीरे-धीरे इसकी तीव्रता कम हो सकती है। दोपहर में धूप निकलने से थोड़ी राहत मिलेगी, लेकिन शाम ढलते ही फिर से ठंड बढ़ जाएगी।
पहाड़ों पर बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों तक
हिमालयी क्षेत्रों में जारी हल्की से मध्यम बर्फबारी का प्रभाव भी उत्तर भारत के मौसम पर पड़ रहा है। ठंडी हवाओं के साथ पहाड़ों की ठंड मैदानी इलाकों तक पहुंच रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, उत्तरी हरियाणा में बना मौजूदा विक्षोभ कमजोर है, लेकिन इसके बाद फरवरी के पहले पखवाड़े में दो और विक्षोभ सक्रिय हो सकते हैं।
आने वाले दिनों का मौसम पूर्वानुमान
मौसम विभाग का अनुमान है कि 5 से 6 फरवरी और फिर 9 से 10 फरवरी के बीच नए पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे। इनका असर मुख्य रूप से तापमान और हवाओं पर देखने को मिलेगा। बारिश की संभावना फिलहाल नहीं है, लेकिन ठंड और गलन से राहत मिलने की उम्मीद भी कम ही है। ऐसे में लोगों को मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।



