PowerTheftDrive – झारखंड में दो दिन की छापेमारी, लाखों की वसूली
PowerTheftDrive – झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड ने बिजली चोरी पर लगाम कसने के लिए 10 और 11 फरवरी को राज्यभर में व्यापक अभियान चलाया। सुबह आठ बजे से शाम छह बजे तक चली इस कार्रवाई में मुख्यालय से गठित 119 टीमों ने सभी सर्किलों में एक साथ जांच की। रांची अंचल में ही 1049 स्थानों पर छापेमारी की गई, जहां 117 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। इस दौरान 23.16 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। अभियान में स्थानीय पुलिस बल की भी मदद ली गई, ताकि कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हो सके।

8,000 से अधिक परिसरों की जांच
निगम की रिपोर्ट के मुताबिक, दो दिनों में कुल 8,359 परिसरों की जांच की गई। इनमें से 1,185 स्थानों पर बिजली चोरी के मामले सामने आए। संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय विद्युत अधिनियम 2003 के तहत केस दर्ज किए गए हैं। जांच के आधार पर 17.09 लाख यूनिट बिजली की अवैध खपत का आकलन किया गया। कुल 179.66 लाख रुपये की वसूली योग्य राशि निर्धारित की गई, जिसमें 158.77 लाख रुपये असेसमेंट और 20.89 लाख रुपये बकाया शामिल हैं।
उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील
निगम प्रबंधन ने आम उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे बिजली चोरी की जानकारी साझा करें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखने का आश्वासन दिया गया है। इसके लिए उपभोक्ता व्हाट्सएप या संदेश के माध्यम से 94311-35515 पर जानकारी भेज सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि जनसहभागिता से ही ऐसे मामलों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
एबीसी और स्मार्ट मीटर से घटेगा नुकसान
निगम का दावा है कि वितरण व्यवस्था में सुधार से बिजली की बर्बादी कम हो रही है। शहरों में स्मार्ट मीटर लगाने और लो टेंशन लाइनों को एरियल बंच केबल में बदलने से तकनीकी और वाणिज्यिक नुकसान में लगभग 15 प्रतिशत की कमी आने की संभावना है। वर्ष 2024 में जहां एटीएंडसी लॉस 30 से 31 प्रतिशत के बीच था, वहीं अब यह घटकर 22 से 23 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
आपूर्ति की चरणबद्ध निगरानी
बिजली की आपूर्ति का आकलन अब ग्रिड से लेकर उपभोक्ता स्तर तक किया जा रहा है। ग्रिड से सब स्टेशन, फिर फीडर और ट्रांसफॉर्मर तक कितनी बिजली पहुंची और उपभोक्ताओं ने कितनी खपत दर्ज कराई, इसका मिलान किया जा रहा है। आंकड़ों में अंतर मिलने पर संबंधित क्षेत्रों में विशेष जांच की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इस प्रक्रिया से न केवल चोरी पर रोक लगेगी, बल्कि राजस्व संग्रह भी बेहतर होगा।
मरम्मत और सुधार कार्य जारी
रांची शहर सहित कई इलाकों में वितरण प्रणाली को मजबूत करने के लिए मरम्मत और विकास कार्य चल रहे हैं। सब स्टेशनों की क्षमता बढ़ाने और उपकरणों के रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए निगरानी व्यवस्था भी मजबूत की गई है।
निगम का कहना है कि सख्त कार्रवाई और तकनीकी सुधारों के जरिए बिजली चोरी पर नियंत्रण और निर्बाध आपूर्ति दोनों लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। आने वाले समय में ऐसे अभियान जारी रहेंगे।



