CurdMaking – प्रेशर कुकर की मदद से घर पर जमाएं गाढ़ा और मुलायम दही
CurdMaking – गर्मियों के दौरान दही, छाछ और लस्सी जैसी चीजों का उपयोग काफी बढ़ जाता है। दही न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाता है, बल्कि शरीर को ठंडक देने और पाचन को बेहतर बनाए रखने में भी सहायक माना जाता है। हालांकि, कई लोगों की शिकायत रहती है कि घर पर दही जमाने के बावजूद वह पर्याप्त गाढ़ा नहीं बनता या सही तरह से सेट नहीं हो पाता। ऐसे में रसोई से जुड़ा एक आसान तरीका लोगों के बीच लोकप्रिय हो रहा है, जिसमें प्रेशर कुकर की सहायता से दही जमाया जाता है।

कम मेहनत में दही जमाने की सरल विधि
इस तरीके के लिए सबसे पहले दूध को हल्का गर्म करना जरूरी होता है। दूध का तापमान इतना होना चाहिए कि वह गुनगुना महसूस हो, लेकिन अत्यधिक गर्म न हो। इसके बाद उसमें एक या दो चम्मच ताजा दही मिलाकर अच्छी तरह घोल लें। यही दही नए बैच को जमाने का आधार बनता है।
अब एक प्रेशर कुकर में थोड़ा गुनगुना पानी डालें। पानी की मात्रा अधिक रखने की आवश्यकता नहीं होती। इसके बाद दही वाला बर्तन सावधानी से कुकर के भीतर रख दें और ढक्कन बंद कर दें। इस पूरी प्रक्रिया में कुकर को गैस पर चढ़ाने की जरूरत नहीं होती।
हल्की गर्माहट बनाती है अनुकूल माहौल
रसोई विशेषज्ञों के अनुसार, दही जमने के लिए नियंत्रित गर्माहट बेहद महत्वपूर्ण होती है। प्रेशर कुकर का बंद वातावरण कुछ समय तक तापमान को बनाए रखने में मदद करता है, जिससे दही जमने की प्रक्रिया आसान हो सकती है। लगभग 10 से 15 मिनट तक बर्तन को कुकर के अंदर बंद रखने के बाद उसे सामान्य तरीके से छोड़ दिया जाता है, ताकि दही धीरे-धीरे सेट हो सके।
गाढ़ा दही पाने के लिए रखें इन बातों का ध्यान
दही की गुणवत्ता काफी हद तक दूध और जामन पर निर्भर करती है। यदि दूध बहुत ज्यादा गर्म होगा तो दही की बनावट प्रभावित हो सकती है। वहीं अत्यधिक ठंडा दूध भी सही परिणाम नहीं देता। इसलिए गुनगुना तापमान सबसे उपयुक्त माना जाता है।
इसके अलावा, जामन के रूप में इस्तेमाल किया जाने वाला पुराना दही ताजा और अच्छी गुणवत्ता का होना चाहिए। बेहतर जामन से नया दही भी अच्छी तरह जमता है। दही जमने के दौरान बार-बार ढक्कन खोलने से भी बचना चाहिए, क्योंकि इससे अंदर का तापमान प्रभावित हो सकता है।
दही पतला रहने के पीछे क्या कारण हो सकते हैं
कई बार लोग सही मात्रा में जामन नहीं डालते, जिसके कारण दही पूरी तरह नहीं जम पाता। इसी तरह अत्यधिक गर्म दूध में दही मिलाने से उसकी संरचना खराब हो सकती है। मौसम का प्रभाव भी महत्वपूर्ण होता है। यदि वातावरण अपेक्षाकृत ठंडा हो तो दही को जमने में अधिक समय लग सकता है।
घर का दही क्यों रहता है पहली पसंद
घर पर तैयार किया गया दही ताजगी और स्वाद के कारण कई परिवारों की पसंद बना हुआ है। इसमें उपयोग होने वाले दूध और अन्य सामग्री पर पूरा नियंत्रण रहता है, जिससे गुणवत्ता को लेकर भरोसा बना रहता है। बाजार में मिलने वाले उत्पादों की तुलना में घर का दही अक्सर अधिक मुलायम और प्राकृतिक स्वाद वाला माना जाता है।
दूसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि घर में दही जमाते समय लोग अपनी जरूरत के अनुसार उसकी गाढ़ापन और मात्रा तय कर सकते हैं। यही वजह है कि पारंपरिक तरीके आज भी रसोई का अहम हिस्सा बने हुए हैं और नए-नए घरेलू उपाय इन्हें और आसान बना रहे हैं।