NIAProbe – आरएसएस कार्यालय हमले की जांच में छह ठिकानों पर एनआईए ने की कार्रवाई
NIAProbe- रांची स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कार्यालय पर जून में हुए पेट्रोल बम हमले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कार्रवाई तेज कर दी है। गुरुवार सुबह एजेंसी की टीम ने रांची और लोहरदगा जिले के कुल छह स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई का उद्देश्य मामले से जुड़े तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्य जुटाना था। छापेमारी के दौरान कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, दस्तावेज और अन्य सामग्री जब्त की गई है, जिनकी अब विस्तृत जांच की जाएगी।

रांची और लोहरदगा में एक साथ हुई तलाशी
जांच एजेंसी की एक टीम रांची के पत्थलकुदवा क्षेत्र में स्थित एक किराए के मकान पहुंची, जबकि दूसरी टीम ने लोहरदगा के विभिन्न इलाकों में पांच स्थानों पर तलाशी ली। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए स्थानीय पुलिस बल भी पूरे अभियान के दौरान तैनात रहा। अधिकारियों ने सभी स्थानों पर तय प्रक्रिया के अनुसार जांच की और संभावित साक्ष्यों को सुरक्षित किया।
बंद मकान तक पहुंचने के लिए अपनाया विशेष तरीका
लोहरदगा के न्यू आजाद बस्ती स्थित एक मकान पर पहुंचने के बाद जांच टीम को मुख्य प्रवेश बंद मिला। ऐसे में प्रथम तल तक पहुंचने के लिए नगर परिषद के हाइड्रोलिक बकेट वाहन की सहायता ली गई। इसके बाद टीम ने घर के भीतर तलाशी अभियान पूरा किया। जांच के दौरान संबंधित व्यक्तियों के मोबाइल फोन, डिजिटल डिवाइस, दस्तावेज और अन्य सामग्री की बारीकी से जांच की गई। अधिकारियों ने मामले से जुड़े एक अधिवक्ता के आवास पर भी आवश्यक जांच प्रक्रिया पूरी की।
डिजिटल और वैज्ञानिक साक्ष्यों पर रहेगा फोकस
एनआईए के अनुसार, तलाशी अभियान के दौरान कुछ महत्वपूर्ण डिजिटल और वैज्ञानिक साक्ष्य मिले हैं। एजेंसी अब इन सामग्रियों की फॉरेंसिक जांच कराएगी ताकि मामले से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जा सके। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत में रिपोर्ट और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्य मामले की जांच को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
16 जून की घटना के बाद एनआईए ने संभाली थी जांच
यह मामला 16 जून की देर रात रांची स्थित आरएसएस कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, रात करीब 12:36 बजे दो युवक कार्यालय के पास पहुंचे और बोतल में तैयार ज्वलनशील पदार्थ फेंका। एक प्रयास असफल रहा, जबकि दूसरे हमले के कारण परिसर के एक हिस्से में आग लग गई। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी जांच एजेंसियों के पास मौजूद है।
घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने प्रारंभिक जांच करते हुए कई संदिग्धों को हिरासत में लिया था। 17 जून को चुटिया थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई और 20 जून को राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने मामले की जांच अपने हाथ में ले ली। एनआईए के एएसपी अमरेंद्र कुमार तिवारी इस मामले के मुख्य जांच अधिकारी हैं। एजेंसी पहले ही मामले से जुड़े आरोपियों से रिमांड के दौरान पूछताछ कर चुकी है और अब हालिया छापेमारी से मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष और कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच जारी है।