PoliticalControversy – किसान आंदोलन को लेकर बिट्टू का प्रियंका पर आरोप
PoliticalControversy – केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा को लेकर एक गंभीर आरोप सार्वजनिक रूप से उठाया है। उन्होंने घोषणा की है कि वह पांच वर्ष पहले किसान आंदोलन के दौरान हुई एक घटना को लेकर प्रियंका गांधी के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराएंगे। बिट्टू का कहना है कि उस समय उन्हें प्रदर्शनकारी किसानों के बीच भेजा गया था, जहां हालात इतने बिगड़ गए थे कि उनकी जान पर बन आई थी।

किसान आंदोलन की घटना फिर चर्चा में
बिट्टू के अनुसार, यह मामला उस दौर का है जब पंजाब सहित कई राज्यों में किसान आंदोलन अपने चरम पर था। उन्होंने बताया कि उन्हें विरोध प्रदर्शन स्थल पर जाने के लिए कहा गया था, जबकि माहौल पहले से ही तनावपूर्ण था। उनके मुताबिक, प्रदर्शनकारी किसानों में उनके प्रति गहरा आक्रोश था और स्थिति बेहद संवेदनशील थी।
बिट्टू का दावा है कि वहां पहुंचने के बाद हालात तेजी से बिगड़े और भीड़ उग्र हो गई। उनका कहना है कि वह और कांग्रेस विधायक कुलबीर जीरा उस समय भीड़ के बीच फंस गए थे और स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई थी। केंद्रीय मंत्री के अनुसार, यह एक सामान्य विरोध प्रदर्शन नहीं था, बल्कि हालात इतने गंभीर थे कि किसी भी अप्रिय घटना की आशंका बनी हुई थी।
मंशा पर उठाए सवाल
एक साक्षात्कार में बिट्टू ने कहा कि उस समय उन्हें प्रियंका गांधी की नीयत पर संदेह नहीं था, लेकिन अब वह पूरे घटनाक्रम की जांच चाहते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब यह स्पष्ट था कि किसान उनसे नाराज हैं, तब उन्हें वहां भेजने का निर्णय क्यों लिया गया।
बिट्टू ने यह भी आरोप लगाया कि संभव है यह कदम राजनीतिक रणनीति के तहत उठाया गया हो, ताकि हालात बिगड़ें और उसका इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए किया जा सके। उन्होंने कहा कि वह इस बात की निष्पक्ष जांच चाहते हैं कि उस दिन की परिस्थितियां किस आधार पर बनीं और किसके निर्देश पर उन्हें वहां भेजा गया।
‘गद्दार’ टिप्पणी पर प्रतिक्रिया
इसी मुद्दे के साथ बिट्टू ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से उन्हें ‘गद्दार’ कहे जाने पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणी किसी भी वरिष्ठ नेता को शोभा नहीं देती।
बिट्टू ने तर्क दिया कि राजनीतिक दलों में नेताओं का आना-जाना आम बात है। यदि पार्टी बदलना गद्दारी माना जाए, तो कई दलों में ऐसे अनेक नेता मौजूद हैं जो पहले किसी अन्य राजनीतिक संगठन से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल लोकतांत्रिक संवाद की गरिमा को कम करता है।
कांग्रेस ने आरोपों को बताया निराधार
पंजाब कांग्रेस ने बिट्टू के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह पूरा मामला राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा है।
पंजाब के नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वर्षों पुराने मुद्दे को अब उछालना महज सुर्खियां पाने की कोशिश है। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि अचानक पुराने घटनाक्रम को याद करना राजनीतिक परिस्थितियों से जुड़ा हो सकता है।
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी बयान जारी कर कहा कि यह दावा करना कि किसी नेता को जबरन विरोध स्थल पर भेजा गया, तर्कसंगत नहीं लगता। उनके अनुसार, सार्वजनिक जीवन में निर्णय सामूहिक परिस्थितियों और राजनीतिक रणनीतियों के तहत लिए जाते हैं, न कि किसी एक व्यक्ति की इच्छा से।
राजनीतिक माहौल में नई तल्खी
इस पूरे घटनाक्रम ने पंजाब और राष्ट्रीय राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी का दौर तेज कर दिया है। जहां एक ओर बिट्टू इस मामले की औपचारिक जांच की बात कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस इसे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा बता रही है।
फिलहाल यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या इस मामले में वास्तव में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज होती है और यदि होती है तो जांच की दिशा क्या रहती है। राजनीतिक हलकों में इस बयान के बाद नई चर्चा शुरू हो गई है, लेकिन किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक प्रक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।



