उत्तराखण्ड

CrimeNews – रेसकोर्स में उधारी विवाद ने ली युवक की जान

CrimeNews – देहरादून के रेसकोर्स इलाके में सामने आई एक सनसनीखेज हत्या ने शहर को झकझोर कर रख दिया है। उधारी के पैसों को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि तीन लोगों ने अपने ही परिचित की जान ले ली। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है

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लापता होने से शुरू हुई जांच

मामले की शुरुआत 11 फरवरी को हुई, जब शास्त्री नगर निवासी संतराम धीमान ने बसंत विहार थाने में अपने बेटे दिगंबर धीमान के गुमशुदा होने की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 9 फरवरी को दिगंबर देहरादून अदालत में अपने खिलाफ चल रहे एक मामले की सुनवाई के लिए गया था। अदालत से अगली तारीख मिलने के बाद वह घर नहीं लौटा।

पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर जांच शुरू की और उसके अंतिम लोकेशन व संपर्कों की जानकारी जुटाई। इसी दौरान एक टैक्सी चालक की भूमिका सामने आई, जिसने जांच की दिशा बदल दी।

टैक्सी चालक से खुला राज

जांच के दौरान पुलिस को एक टैक्सी चालक राजनंदन का सुराग मिला, जो न्यू पटेलनगर का निवासी है। पूछताछ में उसने बताया कि 9 फरवरी की रात उसे रेसकोर्स क्षेत्र से एक कॉल आई थी। उसे 15 हजार रुपये देकर एक शव को हरिद्वार जिले के चिड़ियापुर स्थित जंगल तक ले जाने को कहा गया।

चालक के बयान के आधार पर पुलिस ने हरिद्वार के जंगल क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया, जहां नहर के पास मिट्टी में दबाया गया शव बरामद हुआ। इसके बाद मामला गुमशुदगी से हत्या में बदल गया और केस संबंधित थाने में स्थानांतरित किया गया।

जेल की पहचान बनी हत्या की वजह

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दिगंबर की पहचान आरोपियों से जेल में रहने के दौरान हुई थी। वहीं से उनकी दोस्ती शुरू हुई थी। कुछ समय पहले मुख्य आरोपी हेमंत कुमार ने दिगंबर को करीब ढाई लाख रुपये उधार दिए थे। यह रकम उसने अपने दो साथियों आदिल और वैभव से लेकर दी थी।

दिगंबर ने रकम कुछ दिनों में लौटाने का आश्वासन दिया था, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी पैसे वापस नहीं किए। बताया जा रहा है कि उसने आरोपियों के फोन उठाने भी बंद कर दिए थे।

पार्टी के बहाने बुलाकर की गई मारपीट

पुलिस जांच में सामने आया कि 9 फरवरी को अदालत से निकलने के बाद दिगंबर ने हेमंत का फोन रिसीव किया। इसके बाद उसे नई बस्ती स्थित एक घर में बुलाया गया। वहां चारों ने साथ बैठकर शराब पी।

आरोप है कि नशे की हालत में पैसों को लेकर कहासुनी शुरू हुई, जो जल्द ही हिंसा में बदल गई। आरोपियों ने लोहे की रॉड और हथौड़े से दिगंबर पर हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

शव ठिकाने लगाने की साजिश

हत्या के बाद तीनों आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। उन्होंने टैक्सी बुलाकर शव को करीब 65 किलोमीटर दूर हरिद्वार जिले के जंगल में ले जाकर दफना दिया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर रविवार को आईएसबीटी क्षेत्र के पास से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके।

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