RamadanRecipe – इफ्तार के लिए खास खजूर की खीर बनाने की आसान विधि
RamadanRecipe – रमजान के पाक महीने में रोजेदार दिनभर इबादत और संयम के साथ रोजा रखते हैं। ऐसे में इफ्तार के वक्त कुछ ऐसा खाने की चाह होती है जो शरीर को तुरंत ऊर्जा दे और स्वाद भी बरकरार रखे। खजूर से रोजा खोलने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है, क्योंकि यह प्राकृतिक मिठास और पोषण से भरपूर होता है। अगर इसी खजूर को दूध और मेवों के साथ मिलाकर खीर के रूप में तैयार किया जाए, तो यह इफ्तार की मेज का खास पकवान बन सकता है। खजूर की खीर स्वाद, सेहत और सादगी का ऐसा मेल है जो थकान को पलभर में दूर कर देता है।

खजूर की खीर क्यों है खास
खजूर में प्राकृतिक शर्करा, फाइबर और जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं, जो लंबे समय तक खाली पेट रहने के बाद शरीर को तुरंत ऊर्जा देने में मदद करते हैं। दूध के साथ इसका मेल इसे और अधिक पौष्टिक बना देता है। यही वजह है कि कई घरों में रमजान के दौरान इसे खास तौर पर बनाया जाता है।
यह खीर उन लोगों के लिए भी बेहतर विकल्प है जो ज्यादा चीनी से परहेज करते हैं। खजूर की अपनी मिठास इतनी संतुलित होती है कि अलग से चीनी डालने की जरूरत नहीं पड़ती। इसका स्वाद हल्का, मलाईदार और संतोष देने वाला होता है।
आवश्यक सामग्री की सूची
खजूर की खीर बनाने के लिए बहुत ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती। आमतौर पर घर में उपलब्ध चीजों से ही यह तैयार हो जाती है। इसके लिए एक लीटर फुल क्रीम दूध, लगभग 200 ग्राम बीज निकाले और बारीक कटे खजूर, दो बड़े चम्मच भीगे और दरदरे पिसे चावल, एक बड़ा चम्मच घी, कटे हुए काजू-बादाम-पिस्ता, आधा छोटा चम्मच इलायची पाउडर और कुछ धागे केसर की आवश्यकता होती है।
इन सामग्रियों का संतुलन ही खीर को सही स्वाद और गाढ़ापन देता है।
तैयारी की शुरुआती प्रक्रिया
सबसे पहले खजूर को अच्छी तरह धोकर उसके बीज निकाल लें। इसके बाद उन्हें छोटे टुकड़ों में काट लें। चाहें तो आधे खजूर को थोड़े गुनगुने दूध के साथ पीसकर पेस्ट बना सकते हैं। इससे खीर और ज्यादा गाढ़ी बनती है।
अब भारी तले वाली कड़ाही में दूध डालकर मध्यम आंच पर गर्म करें। दूध में उबाल आने के बाद आंच धीमी कर दें और उसे हल्का गाढ़ा होने तक पकाते रहें। बीच-बीच में चलाते रहना जरूरी है ताकि दूध तले में न लगे।
चावल और मेवों का संतुलित मेल
जब दूध थोड़ा गाढ़ा हो जाए, तो उसमें दरदरे पिसे चावल डाल दें। धीमी आंच पर पकाते रहें जब तक चावल नरम न हो जाएं। इसी दौरान एक छोटे पैन में घी गरम कर लें और कटे हुए मेवों को हल्का सुनहरा होने तक भून लें।
मेवे खीर को कुरकुरापन और अतिरिक्त स्वाद देते हैं। इन्हें ज्यादा देर तक न भूनें, वरना स्वाद कड़वा हो सकता है।
खजूर मिलाने का सही तरीका
चावल पकने के बाद दूध में कटे हुए खजूर और तैयार किया गया पेस्ट डालें। इसे लगातार चलाते हुए लगभग 8 से 10 मिनट तक पकाएं। इस दौरान दूध का रंग हल्का भूरा होने लगेगा और खुशबू भी बदल जाएगी।
अब इसमें इलायची पाउडर, केसर और भुने हुए मेवे मिलाएं। करीब पांच मिनट और पकाने के बाद गैस बंद कर दें। खजूर की खीर अब परोसने के लिए तैयार है।
स्वाद और बनावट बेहतर करने के सुझाव
इस खीर में सामान्य तौर पर चीनी की जरूरत नहीं होती। यदि किसी को ज्यादा मिठास पसंद हो तो गैस बंद करने के बाद थोड़ा सा गुड़ या शहद मिला सकते हैं।
कभी-कभी खजूर डालते समय दूध फटने का डर रहता है। इससे बचने के लिए दूध को लगातार चलाते रहें और बहुत ज्यादा खट्टे खजूर का इस्तेमाल न करें।
इसे गरमागरम भी परोसा जा सकता है और ठंडा करके भी। ठंडी खीर का स्वाद और भी गाढ़ा और संतुलित लगता है।
रमजान के दौरान इफ्तार की मेज पर खजूर की खीर सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि परंपरा और सेहत का संगम बनकर सामने आती है।



