HoliRecipe – इस विधि से बनाएं सूजी और मावा से खस्ता गुजिया
HoliRecipe – होली के मौके पर अगर घर में गुजिया की खुशबू न फैले तो त्योहार अधूरा सा लगता है। रंगों के इस पर्व पर मिठाइयों की अपनी अलग अहमियत होती है और उनमें भी गुजिया सबसे खास मानी जाती है। बाहर से कुरकुरी परत और अंदर से मुलायम, मीठी भरावन ही इसे अलग पहचान देती है। आम तौर पर गुजिया मावा और मेवों से तैयार की जाती है, लेकिन कई घरों में स्वाद और मात्रा दोनों का संतुलन बनाने के लिए इसमें सूजी भी मिलाई जाती है। सूजी डालने से भरावन में हल्की दानेदार बनावट आती है, जो खाने में बेहद लाजवाब लगती है। अगर आप इस बार होली पर घर में सूजी-मावा गुजिया बनाने की सोच रहे हैं, तो यह पारंपरिक तरीका काम आ सकता है।

जरूरी सामग्री की तैयारी
गुजिया बनाने से पहले सभी सामग्री एकत्र कर लेना बेहतर रहता है। इसके लिए दो कप मैदा, चुटकी भर नमक, लगभग चार चम्मच शुद्ध देसी घी मोयन के लिए, और तलने के लिए पर्याप्त तेल या घी की जरूरत होगी। भरावन के लिए 200 ग्राम मावा, दो चम्मच सूजी, दो चम्मच नारियल का बुरादा, काजू, बादाम, पिस्ता और किशमिश जैसे कटे हुए मेवे, आधा चम्मच इलायची पाउडर, कुछ केसर के धागे और करीब पांच चम्मच चीनी पाउडर लें।
सामग्री का सही अनुपात गुजिया के स्वाद और बनावट दोनों को संतुलित रखता है।
आटा गूंथने का सही तरीका
सबसे पहले एक बड़े बर्तन में मैदा लें और उसमें नमक मिला दें। इसके बाद देसी घी डालकर हथेलियों से अच्छी तरह मसलें ताकि मोयन मैदा में बराबर मिल जाए। जब मिश्रण हल्का दबाने पर बंधने लगे, तब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए सख्त आटा तैयार करें। ध्यान रखें कि आटा ज्यादा मुलायम न हो, वरना तलते समय गुजिया का आकार बिगड़ सकता है।
आटा तैयार होने के बाद उसे ढककर करीब 20 से 25 मिनट के लिए अलग रख दें। इस बीच भरावन की तैयारी की जा सकती है।
मेवों और सूजी की भूनाई
एक कड़ाही में थोड़ा घी गरम करें और उसमें कटे हुए मेवे डालकर हल्का सुनहरा होने तक भून लें। मेवे भुन जाने के बाद इसमें सूजी और नारियल का बुरादा मिलाएं। धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए भूनें, ताकि सूजी अच्छी तरह सिक जाए और कच्चापन खत्म हो जाए। जब मिश्रण से हल्की खुशबू आने लगे, तब इसे अलग बर्तन में निकाल लें।
यह प्रक्रिया भरावन में स्वाद की गहराई लाती है और गुजिया को खास बनाती है।
मावा मिलाकर तैयार करें भरावन
अब उसी कड़ाही में मावा डालकर हल्की आंच पर भून लें। ज्यादा देर तक भूनने की जरूरत नहीं है, बस इतना कि नमी कम हो जाए। ठंडा होने पर मावा हल्का दानेदार हो जाता है। इसमें पहले से तैयार सूजी और मेवों का मिश्रण मिलाएं।
इसके बाद इलायची पाउडर, चीनी पाउडर और केसर के धागे डालकर सब कुछ अच्छी तरह मिला दें। भरावन तैयार है। ध्यान रखें कि मिश्रण पूरी तरह ठंडा हो, तभी इसे गुजिया में भरें।
गुजिया आकार देने और तलने की प्रक्रिया
आराम कर चुके आटे को एक बार फिर हल्के हाथ से गूंथ लें। छोटी-छोटी लोइयां बनाकर बेलें। प्रत्येक पूरी को सांचे में रखें या हाथ से आधा मोड़ने के लिए तैयार रखें। बीच में भरावन रखें और किनारों पर हल्का पानी लगाकर अच्छी तरह दबाएं, ताकि तलते समय गुजिया खुले नहीं।
कड़ाही में मध्यम आंच पर घी या तेल गरम करें। जब तेल पर्याप्त गरम हो जाए, तो गुजिया डालें और धीमी आंच पर सुनहरा होने तक तलें। तेज आंच पर तलने से बाहरी परत जल्दी रंग पकड़ लेती है लेकिन अंदर तक कुरकुरापन नहीं आता।
जब गुजिया दोनों तरफ से सुनहरी हो जाए, तो निकालकर ठंडा होने दें। तैयार गुजिया बाहर से खस्ता और अंदर से सुगंधित व मीठी लगेगी।
होली के मौके पर घर में बनी सूजी-मावा गुजिया परिवार और मेहमानों दोनों के लिए खास पकवान साबित होती है।\



