WaterSupply – झारखंड में खराब चापाकलों की मरम्मत तेज, दो माह में 16 हजार दुरुस्त
WaterSupply – झारखंड में पेयजल व्यवस्था को लेकर सरकार ने सक्रियता बढ़ा दी है। राज्य के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने विधानसभा में जानकारी दी कि पिछले दो महीनों के भीतर 16,061 खराब चापाकलों की मरम्मत कराई जा चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गर्मी से पहले सभी जिलों में खराब पड़े चापाकलों को दुरुस्त करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि ग्रामीण इलाकों में पानी की किल्लत न हो।

विधायक उदय शंकर सिंह के अल्पसूचित प्रश्न के जवाब में मंत्री ने बताया कि विभाग ने शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए एक टोल फ्री नंबर भी जारी किया है। किसी भी क्षेत्र में चापाकल खराब होने की सूचना मिलने पर विभागीय टीम तुरंत कार्रवाई करेगी।
गर्मी से पहले पूरी तैयारी का दावा
सदन में चर्चा के दौरान विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो ने भी बढ़ती गर्मी के मद्देनजर जल स्रोतों की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में चापाकल ही पेयजल का मुख्य साधन हैं, ऐसे में उनकी कार्यशीलता सुनिश्चित करना जरूरी है।
मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने भरोसा दिलाया कि विभाग ने जिला स्तर पर निगरानी व्यवस्था मजबूत की है। नियमित समीक्षा बैठकों के जरिए प्रगति पर नजर रखी जा रही है। उनका कहना था कि मरम्मत कार्य में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त संसाधन भी उपलब्ध कराए गए हैं।
देवघर जलापूर्ति योजना को समय विस्तार
इधर, नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार ने देवघर शहरी जलापूर्ति योजना की प्रगति पर सदन को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि पुनासी जलाशय से देवघर शहर तक पाइपलाइन बिछाकर पानी पहुंचाने की परियोजना पहले जुलाई 2023 तक पूरी होनी थी। हालांकि वन भूमि पर जल शोधन संयंत्र और ग्राउंड लेवल सर्विस रिजर्वायर के निर्माण के लिए वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र समय पर नहीं मिल पाने के कारण कार्य प्रभावित हुआ।
मंत्री ने कहा कि दिसंबर 2025 में वन विभाग से स्टेज-वन क्लीयरेंस और निर्माण की अनुमति मिलने के बाद परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है। विभाग ने 12 जनवरी को आदेश जारी कर इस योजना को 31 मार्च तक औपबंधिक अवधि विस्तार दिया है। विधायक सुरेश पासवान ने इस विषय पर तारांकित प्रश्न पूछा था।
परियोजना में देरी के कारण और आगे की योजना
सुदिव्य कुमार ने बताया कि वन क्षेत्र से जुड़ी स्वीकृतियों में देरी परियोजनाओं को प्रभावित करती है। अब स्वीकृति मिलने के बाद कार्य में तेजी लाई जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि निर्धारित अवधि में शहरी क्षेत्रों को स्थायी जलापूर्ति उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
देवघर शहर में बढ़ती आबादी और पेयजल मांग को देखते हुए इस परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मोटरयान निरीक्षकों की भर्ती प्रक्रिया
विधानसभा में परिवहन विभाग से जुड़े प्रश्न का जवाब देते हुए मंत्री दीपक बिरुआ ने बताया कि विभाग में मोटरयान निरीक्षक के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया चल रही है। कुल 46 पदों के लिए कार्मिक विभाग ने जेएसएससी को अधियाचना भेजी थी, जिसमें से 40 अभ्यर्थियों की नियुक्ति हो चुकी है।
इसके अलावा 16 जनवरी को 21 नए पद सृजित किए गए हैं। इन पदों के लिए भी अधियाचना भेजी जा चुकी है। विधायक चंद्रदेव महतो ने इस संबंध में जानकारी मांगी थी। मंत्री ने कहा कि नियुक्तियां पूरी होने से परिवहन विभाग की कार्यक्षमता बढ़ेगी और वाहनों की जांच प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी।
सदन में उठे विभिन्न मुद्दों के जवाब में सरकार ने जल, शहरी विकास और परिवहन से जुड़े विषयों पर प्रगति की जानकारी दी। आगामी गर्मी को देखते हुए पेयजल व्यवस्था और लंबित परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करना सरकार की प्राथमिकता बताई गई है।



