NoidaProperty – 3410 फ्लैट खरीदारों को रजिस्ट्री की मिली राहत
NoidaProperty – ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी के हजारों घर खरीदारों के लिए लंबे इंतजार के बाद राहत भरी खबर आई है। 11 आवासीय परियोजनाओं में फंसे 3410 फ्लैट और दुकान मालिकों को होली के बाद रजिस्ट्री कराने का अवसर मिलेगा। वहीं, सेक्टर-22ए स्थित थ्रीसी होम्स परियोजना के 512 खरीदारों को भी वर्षों की देरी के बाद अपने भूखंड पर निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।

एक दशक से जारी था इंतजार
ग्रेटर नोएडा क्षेत्र की 98 बिल्डर परियोजनाओं में हजारों लोग पिछले करीब दस साल से मालिकाना हक के लिए संघर्ष कर रहे थे। कई परियोजनाओं में खरीदारों को कब्जा तो मिल गया, लेकिन रजिस्ट्री नहीं हो सकी। इसी स्थिति को देखते हुए सरकार ने अमिताभ कांत समिति का गठन किया था।
समिति की सिफारिशों के अनुसार, बिल्डरों को बकाया राशि का 25 प्रतिशत जमा करने पर रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति दी गई। फरवरी 2024 से इस व्यवस्था के तहत चरणबद्ध तरीके से रजिस्ट्री की मंजूरी दी जा रही है।
11 परियोजनाओं को मिली अनुमति
प्राधिकरण के बिल्डर विभाग के अनुसार, बकाया जमा होने के बाद 11 परियोजनाओं को ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट और कम्प्लीशन सर्टिफिकेट जारी कर दिए गए हैं। इसके बाद इन परियोजनाओं में रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
इन परियोजनाओं में सेक्टर-2, सेक्टर-1, टेक्जोन-4, चाई-5, फाई-4, बीटा-2 और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के कई प्रोजेक्ट शामिल हैं। फ्लैट और दुकानों को मिलाकर कुल 3410 संपत्तियों की रजिस्ट्री का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव ने बताया कि बिल्डरों द्वारा बकाया राशि जमा करने के बाद प्रक्रिया में तेजी लाई गई है और अब खरीदार अपने दस्तावेज पूरे करा सकेंगे।
अब तक 20 हजार से ज्यादा रजिस्ट्री
अमिताभ कांत समिति की सिफारिशें लागू होने के बाद अब तक 20 हजार से अधिक फ्लैटों की रजिस्ट्री हो चुकी है। हालांकि, करीब 35 हजार खरीदार अब भी मालिकाना हक का इंतजार कर रहे हैं। बीते वर्षों में इन मांगों को लेकर कई बार प्रदर्शन भी हुए।
प्राधिकरण का कहना है कि शेष परियोजनाओं में भी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होते ही रजिस्ट्री की अनुमति दी जाएगी।
थ्रीसी होम्स परियोजना में नई शुरुआत
यमुना सिटी के सेक्टर-22ए स्थित थ्रीसी होम्स परियोजना में भी लंबे समय से अटके 512 खरीदारों के लिए स्थिति बदली है। करीब 11 वर्षों से कब्जे की प्रतीक्षा कर रहे इन लोगों को अब भूखंड पर निर्माण का मौका मिलेगा।
ऐस इंफ्रासिटी डवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल की मंजूरी के बाद इस परियोजना का अधिग्रहण किया था। जुलाई 2024 में प्राधिकरण की अपील वापस होने के बाद निर्माण कार्य शुरू हुआ। निगरानी समिति की देखरेख में काम पूरा किया गया और फरवरी 2026 में कम्प्लीशन सर्टिफिकेट प्राप्त किया गया।
कानूनी प्रक्रिया के बाद मिला समाधान
थ्रीसी होम्स के खरीदारों को वर्ष 2015 में कब्जा मिलने की उम्मीद थी। कई लोगों ने बुकिंग के समय 50 से 70 प्रतिशत तक भुगतान कर दिया था, लेकिन भूमि विवाद और वित्तीय संकट के कारण परियोजना अटक गई। 2019 में मामला एनसीएलटी पहुंचा और दिवालिया प्रक्रिया शुरू हुई।
सुप्रीम कोर्ट तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद 2023 में समाधान योजना को मंजूरी मिली। अब खरीदारों को पजेशन ऑफर जारी किए जा चुके हैं।
लंबे इंतजार के बाद मिली यह राहत हजारों परिवारों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है, जो वर्षों से अपने घर का सपना पूरा होने की राह देख रहे थे।



