PregnancyNutrition – जानें गर्भावस्था में मैगी खाने को लेकर क्या कहते हैं विशेषज्ञ…
PregnancyNutrition – गर्भावस्था के दौरान खाने-पीने की पसंद में बदलाव आना एक सामान्य बात मानी जाती है। कई महिलाओं को इस दौरान अचानक खट्टा, मीठा या कुछ विशेष प्रकार का भोजन खाने की इच्छा होने लगती है। ऐसे में इंस्टेंट नूडल्स जैसी चीजें भी अक्सर पसंदीदा विकल्प बन जाती हैं। हालांकि परिवार और आसपास के लोगों से मिलने वाली अलग-अलग सलाह के कारण कई बार होने वाली माताएं उलझन में पड़ जाती हैं कि क्या गर्भावस्था में मैगी या अन्य इंस्टेंट नूडल्स खाना सुरक्षित है।

कभी-कभार खाने से आमतौर पर नहीं होती परेशानी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी गर्भवती महिला का कभी-कभी मैगी खाने का मन करता है, तो सामान्य परिस्थितियों में इससे घबराने की जरूरत नहीं होती। सीमित मात्रा में और कभी-कभार इसका सेवन करने से आमतौर पर कोई गंभीर समस्या नहीं होती। विशेषज्ञों के अनुसार, चिंता का विषय तब बनता है जब यह भोजन नियमित खानपान का हिस्सा बनने लगे और पौष्टिक आहार की जगह लेने लगे।
पोषण की जरूरतें होती हैं अधिक
गर्भावस्था के दौरान शरीर को सामान्य दिनों की तुलना में अधिक पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। मां और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों के स्वस्थ विकास के लिए प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम, फोलिक एसिड, विटामिन और अन्य जरूरी पोषक तत्वों का पर्याप्त सेवन आवश्यक माना जाता है। इंस्टेंट नूडल्स स्वाद और त्वरित भूख मिटाने का विकल्प तो हो सकते हैं, लेकिन इनमें संपूर्ण पोषण उपलब्ध नहीं होता।
पेट भरने और पोषण मिलने में अंतर
विशेषज्ञ बताते हैं कि किसी भी खाद्य पदार्थ से पेट भर जाना और शरीर को आवश्यक पोषण मिलना दो अलग-अलग बातें हैं। मैगी या इसी तरह के इंस्टेंट खाद्य पदार्थ अस्थायी रूप से भूख शांत कर सकते हैं, लेकिन वे संतुलित भोजन का विकल्प नहीं बन सकते। यदि गर्भवती महिला बार-बार ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करती है, तो जरूरी पोषक तत्वों की कमी होने का जोखिम बढ़ सकता है।
बेहतर बनाने के लिए अपनाए जा सकते हैं कुछ उपाय
यदि कभी मैगी खाने की इच्छा हो, तो उसे थोड़ा अधिक पौष्टिक बनाया जा सकता है। इसमें ताजी सब्जियां, मटर, गाजर, शिमला मिर्च या अन्य पौष्टिक सामग्री मिलाने से पोषण स्तर कुछ हद तक बेहतर हो सकता है। साथ ही इसे संतुलित भोजन के विकल्प के रूप में नहीं, बल्कि कभी-कभार लिए जाने वाले हल्के नाश्ते की तरह ही देखा जाना चाहिए।
संतुलित आहार को दें प्राथमिकता
गर्भावस्था के दौरान भोजन का चयन सोच-समझकर करना महत्वपूर्ण होता है। फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, दूध और प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ दैनिक आहार का हिस्सा होने चाहिए। डॉक्टरों का मानना है कि संतुलित और विविधतापूर्ण भोजन मां और शिशु दोनों के स्वास्थ्य के लिए सबसे अधिक लाभकारी होता है।
विशेषज्ञों की सलाह क्या कहती है
स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस बात पर जोर देते हैं कि गर्भावस्था में किसी एक खाद्य पदार्थ को लेकर अत्यधिक डरने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन संतुलन बनाए रखना जरूरी है। यदि कोई महिला कभी-कभार मैगी खाती है और साथ ही पौष्टिक भोजन भी नियमित रूप से लेती है, तो आमतौर पर यह चिंता का विषय नहीं माना जाता। किसी भी विशेष स्वास्थ्य स्थिति या आहार संबंधी समस्या होने पर चिकित्सक की सलाह लेना सबसे उचित विकल्प रहता है।