MeerutPolitics – होली मिलन में संगीत सोम का तीखा बयान
MeerutPolitics – मेरठ के सकौती इलाके में आयोजित एक होली मिलन समारोह के दौरान भाजपा नेता और पूर्व विधायक संगीत सोम ने अपने संबोधन से राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी। कार्यक्रम में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम का संदर्भ लेते हुए देश के भीतर बाबरी मस्जिद से जुड़े मुद्दे पर कड़ा रुख व्यक्त किया। उनके बयान के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक प्रतिक्रिया का दौर शुरू हो गया है।

अंतरराष्ट्रीय संदर्भ के साथ राजनीतिक टिप्पणी
अपने भाषण में संगीत सोम ने पश्चिम एशिया में जारी इजरायल-ईरान तनाव का उल्लेख किया और कहा कि जो शक्तियां अपने शीर्ष नेतृत्व की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर पा रहीं, वे भारत में विवादित ढांचे की वापसी की बात कर रही हैं। उन्होंने समर्थकों से संकल्प लेने को कहा कि देश में ऐसी किसी भी विचारधारा को दोबारा मजबूत नहीं होने दिया जाएगा। उनके इस बयान को लेकर समर्थकों ने तालियां बजाईं, वहीं विपक्षी दलों ने इसे अनावश्यक राजनीतिक टिप्पणी बताया।
कार्यक्रम में कई प्रमुख चेहरे मौजूद
होली मिलन समारोह में कई राजनीतिक और धार्मिक हस्तियां उपस्थित रहीं। मिजोरम के राज्यपाल जनरल वीके सिंह, अखाड़ा परिषद से जुड़े संत, भाजपा के प्रदेश पदाधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मंच पर नजर आए। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का स्वागत किया गया और एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दी गईं। आयोजन को सामाजिक मिलन का अवसर बताया गया, हालांकि भाषणों में राजनीतिक संकेत भी स्पष्ट दिखे।
शक्ति प्रदर्शन की चर्चा
दिल्ली-दून राजमार्ग के पास स्थित मंगलम फार्म हाउस में हुए इस आयोजन में बड़ी संख्या में समर्थक पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान आसपास के क्षेत्र में यातायात प्रभावित होने की खबर भी सामने आई। आयोजन को लेकर चर्चा रही कि यह केवल होली मिलन नहीं, बल्कि आगामी चुनावों की तैयारी का संकेत भी है। मंच से वक्ताओं ने कहा कि आने वाले चुनाव में पार्टी मजबूत स्थिति में रहेगी।
2027 को लेकर दावा
संगीत सोम ने अपने संबोधन में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए दावा किया कि पार्टी राज्य में बड़ी जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन परंपरा का हिस्सा है और हर वर्ष किया जाता है। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि इसे शक्ति प्रदर्शन कहना हो तो उसका दायरा और बड़ा होता। उनके इस बयान को राजनीतिक आत्मविश्वास के रूप में देखा जा रहा है।
स्थानीय राजनीति में हलचल
मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में यह कार्यक्रम चर्चा का विषय बना हुआ है। समर्थक इसे सांस्कृतिक और राजनीतिक एकजुटता का मंच बता रहे हैं, जबकि विपक्ष इसे चुनावी माहौल बनाने की कोशिश मान रहा है। फिलहाल, बयानबाजी के बाद राजनीतिक माहौल गर्म है और आने वाले दिनों में इस पर प्रतिक्रियाएं जारी रहने की संभावना है।



