IPLCentury – हार के बीच कूपर कोनोली ने बनाया नया रिकॉर्ड
IPLCentury – सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ खेले गए मुकाबले में पंजाब किंग्स को भले ही हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन टीम के युवा बल्लेबाज कूपर कोनोली ने अपनी शानदार पारी से सबका ध्यान खींच लिया। 236 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए पंजाब की टीम 20 ओवर में 202 रन ही बना सकी और मुकाबला 34 रन से गंवा बैठी। इस हार के बावजूद कूपर कोनोली ने ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया, जिसने उन्हें आईपीएल इतिहास में खास जगह दिला दी है।

सबसे कम उम्र के विदेशी शतकवीर बने कोनोली
कूपर कोनोली अब आईपीएल में सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले विदेशी बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने यह उपलब्धि 22 साल और 257 दिन की उम्र में हासिल की। इससे पहले यह रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज क्विंटन डी कॉक के नाम था। डी कॉक ने साल 2016 में दिल्ली की ओर से खेलते हुए 23 साल और 122 दिन की उम्र में शतक लगाया था। लगभग एक दशक बाद कोनोली ने उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
दबाव के बीच खेली यादगार पारी
पंजाब किंग्स की शुरुआत इस मैच में अच्छी नहीं रही थी। पहले ही ओवर में प्रियांश आर्या का विकेट गिर गया और अगले ओवर की शुरुआत में प्रभसिमरन सिंह भी पवेलियन लौट गए। शुरुआती झटकों के बीच कूपर कोनोली ने संयम और आक्रामकता दोनों का शानदार संतुलन दिखाया। उन्होंने शुरुआत में विकेट संभालकर खेला और बाद में तेजी से रन बटोरते हुए टीम को मुकाबले में बनाए रखा।
59 गेंदों में जड़ा शानदार शतक
कोनोली ने अपनी नाबाद 107 रनों की पारी के दौरान 59 गेंदों का सामना किया। इस दौरान उनके बल्ले से 7 चौके और 8 लंबे छक्के निकले। उन्होंने मैदान के चारों ओर आत्मविश्वास से शॉट लगाए और विपक्षी गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। हालांकि दूसरे छोर से उन्हें ज्यादा सहयोग नहीं मिला, जिसकी वजह से पंजाब लक्ष्य तक नहीं पहुंच सका। फिर भी उनकी यह पारी मैच की सबसे बड़ी सकारात्मक बात मानी जा रही है।
रिकॉर्ड सूची में बड़े नामों को छोड़ा पीछे
आईपीएल में सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले विदेशी बल्लेबाजों की सूची में अब कूपर कोनोली शीर्ष पर पहुंच गए हैं। उनके बाद क्विंटन डी कॉक, डेविड वॉर्नर, डेविड मिलर और कैमरून ग्रीन जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के नाम शामिल हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी कम उम्र में दबाव भरे मुकाबले में इस तरह की पारी खेलना उनके उज्ज्वल भविष्य की ओर संकेत करता है।
पंजाब की हार के बावजूद बढ़ा आत्मविश्वास
हालांकि पंजाब किंग्स इस मुकाबले में जीत दर्ज नहीं कर सकी, लेकिन टीम प्रबंधन को कोनोली की बल्लेबाजी से बड़ी राहत जरूर मिली होगी। लगातार विकेट गिरने के बाद जिस तरह उन्होंने पारी को संभाला, उससे उनकी मानसिक मजबूती भी सामने आई। टीम के लिए यह संकेत है कि भविष्य में मध्यक्रम में उन्हें भरोसेमंद बल्लेबाज के रूप में देखा जा सकता है।
प्लेऑफ की दौड़ में अहम रहेगा प्रदर्शन
पंजाब किंग्स के लिए अब आने वाले मुकाबले बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। टीम को प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए लगातार जीत दर्ज करनी होगी। ऐसे समय में कूपर कोनोली की फॉर्म टीम के लिए बड़ी उम्मीद बन सकती है। अगर अगले मैचों में भी वह इसी तरह बल्लेबाजी करते हैं, तो पंजाब की वापसी की संभावना मजबूत हो सकती है।