BiharFinance – मार्च में केंद्र से 30 हजार करोड़ की मदद, खजाने को राहत
BiharFinance – केंद्र सरकार से वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम महीने में बिहार को करीब 30 हजार करोड़ रुपये मिलने की संभावना है। इस राशि में लगभग 7,500 करोड़ रुपये केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी के रूप में मिलेंगे, जबकि शेष रकम विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाले केंद्रांश के तौर पर आएगी। इस फंड के आने से राज्य के सरकारी खजाने को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि फिलहाल सरकार की प्राथमिकता छोटे भुगतान और नियमित खर्चों को पूरा करने की है, जबकि कई बड़े भुगतान अभी भी लंबित बने हुए हैं।

वेतन और पेंशन भुगतान को दी गई प्राथमिकता
राज्य सरकार ने फिलहाल सरकारी कर्मचारियों के वेतन, पेंशन, मानदेय और विभिन्न सहायता अनुदानों के भुगतान को सबसे पहले पूरा करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को कहा गया है कि 10 मार्च तक इन आवश्यक भुगतान को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
मार्च वित्तीय वर्ष का अंतिम महीना होता है, इसलिए इस समय वित्तीय अनुशासन पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इसी कारण सरकारी विभागों को खर्च और भुगतान के मामले में निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
विकास योजनाओं के भुगतान में हो रही देरी
राज्य में चल रही कई विकास परियोजनाओं से जुड़े भुगतान फिलहाल धीमी गति से किए जा रहे हैं। बिहार में विभिन्न विभागों के माध्यम से शहरी और ग्रामीण सड़कों का निर्माण, सरकारी भवनों का निर्माण, पुल-पुलियों का निर्माण और अन्य आधारभूत ढांचे से जुड़ी कई परियोजनाएं चल रही हैं।
इन परियोजनाओं को पूरा करने वाले ठेकेदारों को कार्य पूरा होने के बाद तय राशि का भुगतान किया जाता है। हालांकि भुगतान से पहले उनके दावों की विभागीय स्तर पर विस्तृत जांच की जाती है। वित्त विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार बड़ी योजनाओं से संबंधित भुगतान दावों की फिलहाल विस्तार से समीक्षा की जा रही है, जिसके कारण भुगतान प्रक्रिया में कुछ देरी हो रही है।
धन उपलब्धता के आधार पर होगा भुगतान
अधिकारियों के मुताबिक जब तक सभी वित्तीय दावों की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक बड़े भुगतान जारी नहीं किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि भुगतान की प्रक्रिया पारदर्शी और नियमों के अनुरूप होनी चाहिए, इसलिए हर दावे की सावधानी से जांच की जा रही है।
जब केंद्र से मिलने वाली राशि पूरी तरह राज्य के खजाने में आ जाएगी और वित्त विभाग स्थिति का आकलन कर लेगा, तब उपलब्ध संसाधनों के आधार पर बड़े भुगतान जारी किए जाएंगे। इसके लिए विभागीय स्तर पर आगे निर्देश जारी किए जाएंगे।
छोटे भुगतान में मिल सकती है राहत
वित्त विभाग के अधिकारियों का कहना है कि केंद्र से आने वाली राशि के बाद सरकार नियमित खर्चों का भुगतान आसानी से कर सकेगी। कर्मचारियों के वेतन और पेंशन के अलावा कई छोटे भुगतान भी इसी फंड से पूरे किए जाने की संभावना है।
इसके अलावा राज्य सरकार को उम्मीद है कि मार्च के दौरान टैक्स और अन्य राजस्व स्रोतों से भी अतिरिक्त आय प्राप्त होगी। इससे सरकारी खजाने की स्थिति कुछ बेहतर हो सकती है और कुछ लंबित भुगतान भी निपटाए जा सकते हैं।
बड़े भुगतान अगले वित्तीय वर्ष में जा सकते हैं
फिलहाल सरकार की प्राथमिकता जरूरी और छोटे भुगतान को पूरा करने की है। इसके बाद यदि पर्याप्त राशि बचती है तो कुछ बड़े भुगतान भी किए जा सकते हैं। हालांकि जिन बड़े वित्तीय दावों का निपटारा इस वित्तीय वर्ष में संभव नहीं हो पाएगा, उन्हें अगले वित्तीय वर्ष के लिए लंबित रखा जा सकता है।
सरकार ने पहले ही निर्देश दे रखा है कि किसी भी भुगतान से पहले संबंधित वित्तीय दावों की पूरी जांच की जाए। इसी कारण कई बड़े भुगतान फिलहाल रुके हुए हैं और उनकी प्रक्रिया धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है।



