स्वास्थ्य

VitaminB12Deficiency – बिना ज्यादा काम के भी हो रही है थकान, हो सकती है विटामिन की कमी…

VitaminB12Deficiency – आजकल कई लोग ऐसी स्थिति से गुजर रहे हैं जिसमें दिनभर कोई खास शारीरिक मेहनत न करने के बावजूद शरीर में लगातार थकान महसूस होती है। कई लोगों का अनुभव है कि सुबह नींद पूरी होने के बाद भी शरीर भारी लगता है और ऊर्जा की कमी बनी रहती है। कुछ मामलों में हल्का-सा काम करने पर भी सांस फूलने लगती है या कमजोरी महसूस होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी स्थिति को केवल सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज करना सही नहीं है। न्यूट्रिशन विशेषज्ञों के अनुसार कई बार यह समस्या शरीर में विटामिन B12 की कमी का संकेत हो सकती है। जब शरीर में इस जरूरी विटामिन का स्तर कम हो जाता है, तो रक्त निर्माण की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और इससे एनीमिया की स्थिति बन सकती है। ऐसे में शरीर को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिल पाती और व्यक्ति जल्दी थकान महसूस करने लगता है।

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विटामिन B12 की कमी के सामान्य संकेत

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार विटामिन B12 की कमी होने पर शरीर धीरे-धीरे कुछ संकेत देने लगता है। शुरुआत में यह लक्षण हल्के हो सकते हैं, इसलिए कई लोग इन्हें सामान्य कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन समय के साथ यह समस्या बढ़ सकती है।

सबसे आम संकेतों में लगातार थकान और कमजोरी शामिल है। इसके अलावा थोड़ी-सी शारीरिक गतिविधि करने पर भी सांस फूलना महसूस हो सकता है। कुछ लोगों की त्वचा सामान्य से अधिक पीली या फीकी दिखाई देने लगती है, जो शरीर में खून की कमी का संकेत हो सकता है।

इसके अलावा जीभ में सूजन या जलन की समस्या भी देखी जा सकती है। कई मामलों में हाथ और पैरों में झनझनाहट या सुन्नपन महसूस होने लगता है। कुछ लोगों को ध्यान केंद्रित करने में भी कठिनाई होती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ऐसे लक्षण लंबे समय तक बने रहें तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

किन कारणों से हो सकती है यह कमी

विटामिन B12 की कमी के पीछे कई कारण हो सकते हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि कई बार समस्या केवल भोजन की कमी से नहीं बल्कि शरीर में इसके अवशोषण की प्रक्रिया प्रभावित होने से भी होती है।

कुछ लोगों के पेट में बनने वाला एक विशेष प्रोटीन पर्याप्त मात्रा में नहीं बनता, जिसकी मदद से शरीर विटामिन B12 को अवशोषित करता है। जब यह प्रक्रिया प्रभावित होती है, तो शरीर को भोजन से पर्याप्त विटामिन नहीं मिल पाता।

इसके अलावा कुछ ऑटोइम्यून स्थितियों में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से पेट की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकती है। इससे भी विटामिन B12 का अवशोषण कम हो सकता है।

विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि लंबे समय तक कुछ विशेष दवाओं का सेवन करने से भी शरीर में इस विटामिन का स्तर कम हो सकता है। वहीं यदि आहार में विटामिन B12 से भरपूर खाद्य पदार्थों की कमी हो, तो भी समय के साथ यह समस्या सामने आ सकती है।

जांच से कैसे पता चलता है समस्या

अगर किसी व्यक्ति को लंबे समय तक कमजोरी, थकान या सांस फूलने जैसी समस्या बनी रहती है, तो डॉक्टर जांच कराने की सलाह दे सकते हैं। इन जांचों के जरिए यह पता लगाया जाता है कि शरीर में विटामिन या खून की कमी तो नहीं है।

आमतौर पर डॉक्टर विटामिन B12 लेवल की जांच करवाने की सलाह देते हैं। इसके अलावा फोलेट टेस्ट और सीबीसी यानी Complete Blood Count भी किया जा सकता है। इन रिपोर्ट्स के आधार पर यह स्पष्ट हो जाता है कि शरीर में एनीमिया या किसी विटामिन की कमी तो नहीं है।

जांच के परिणामों के अनुसार डॉक्टर आगे के उपचार की योजना तय करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सही समय पर जांच कराने से समस्या को शुरुआती चरण में ही नियंत्रित किया जा सकता है।

इलाज और खानपान में बदलाव की भूमिका

यदि जांच में विटामिन B12 की कमी की पुष्टि होती है, तो डॉक्टर स्थिति के अनुसार उपचार शुरू करते हैं। कई मामलों में शुरुआत में विटामिन B12 के इंजेक्शन दिए जाते हैं ताकि शरीर में इसका स्तर जल्दी बढ़ाया जा सके। बाद में जरूरत के अनुसार इंजेक्शन की अवधि कम कर दी जाती है।

कुछ मरीजों को विटामिन B12 की गोलियां या सप्लीमेंट भी दिए जाते हैं। साथ ही डॉक्टर खानपान में बदलाव की सलाह भी देते हैं ताकि शरीर को प्राकृतिक रूप से इस विटामिन की पर्याप्त मात्रा मिल सके।

विशेषज्ञों के अनुसार दूध और उससे बने उत्पाद, मछली, मांस और कुछ फोर्टिफाइड अनाज विटामिन B12 के अच्छे स्रोत माने जाते हैं। संतुलित आहार लेने से शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी को काफी हद तक रोका जा सकता है।

समय पर इलाज क्यों है जरूरी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि विटामिन B12 की कमी को लंबे समय तक नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। अगर इसका समय पर उपचार न किया जाए, तो यह समस्या धीरे-धीरे गंभीर रूप ले सकती है।

लंबे समय तक यह कमी बनी रहने पर लगातार कमजोरी, एनीमिया और तंत्रिका तंत्र से जुड़ी समस्याएं भी विकसित हो सकती हैं। इसलिए यदि किसी व्यक्ति को लगातार थकान, सांस फूलने या असामान्य कमजोरी महसूस हो रही है, तो इसे सामान्य समस्या समझकर टालना उचित नहीं है।

डॉक्टर से समय पर परामर्श लेने और आवश्यक जांच कराने से समस्या का सही कारण पता चल सकता है और उचित उपचार शुरू किया जा सकता है।

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