NitishKumar – राज्यसभा जाने के फैसले पर जदयू बैठक में भावुक हुए विधायक
NitishKumar – मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार शाम अपने सरकारी आवास पर जदयू के सांसदों, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों की एक अहम बैठक बुलाई। इस बैठक में उन्होंने अपने संभावित राज्यसभा जाने के फैसले को लेकर पार्टी नेताओं को भरोसा दिलाया कि इससे बिहार की राजनीति या सरकार के कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनकी भूमिका भले बदल जाए, लेकिन बिहार के विकास और सरकार की कार्यशैली में कोई रुकावट नहीं आएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जनता से किए गए वादों को पूरा करना सरकार की प्राथमिकता बनी रहेगी और एनडीए को जो जनादेश मिला है, उसके सम्मान में काम जारी रहेगा।

बैठक के दौरान भावुक हुए कई विधायक
बैठक के दौरान माहौल उस समय भावुक हो गया जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बोलने के लिए खड़े हुए। बताया गया कि कई विधायक और नेता भावुक हो उठे। कुछ की आंखों में आंसू आ गए, जबकि कुछ ने खुलकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। कई विधायकों ने मुख्यमंत्री से अपने फैसले पर दोबारा विचार करने का आग्रह भी किया। पार्टी नेताओं का कहना था कि बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार की भूमिका बेहद अहम है और उनके नेतृत्व से ही पार्टी और सरकार को मजबूती मिलती रही है।
बैठक की शुरुआत संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पार्टी के सांसदों, विधायकों और विधान पार्षदों का सहयोग और समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने यह भी कहा कि वे बिहार से अलग नहीं होंगे और भविष्य में भी राज्य के हित में काम करते रहेंगे।
नेतृत्व जारी रहने का भरोसा
बैठक के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री का मार्गदर्शन और नेतृत्व आगे भी जदयू और राज्य सरकार को मिलता रहेगा। संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार का अनुभव और नेतृत्व बिहार के लिए हमेशा महत्वपूर्ण रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि चाहे उनकी भूमिका में बदलाव हो, लेकिन राज्य की नीतियों और विकास कार्यों में उनका मार्गदर्शन बना रहेगा।
मंत्री श्रवण कुमार ने भी इसी तरह की बात दोहराते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का संरक्षण और नेतृत्व पार्टी के लिए पहले की तरह महत्वपूर्ण रहेगा। वहीं विधायक विनय चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री का फैसला पार्टी के लिए स्वीकार्य है, हालांकि कई नेता व्यक्तिगत तौर पर चाहते हैं कि वे राज्यसभा न जाएं। विधायक मंजीत सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार भविष्य में भी बिहार के विकास कार्यों से जुड़े रहेंगे। पार्टी के वरिष्ठ नेता नीरज कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री पहले की तरह जिलों का दौरा कर विकास योजनाओं की समीक्षा भी करते रहेंगे।
कार्यकर्ताओं में भी दिखी नाराजगी
मुख्यमंत्री के राज्यसभा जाने की चर्चा के बीच जदयू कार्यकर्ताओं के बीच भी नाराजगी देखने को मिली। गुरुवार को बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पटना स्थित जदयू कार्यालय पहुंचे और वहां नारेबाजी की। कई कार्यकर्ताओं ने मुख्य द्वार पर बैठकर धरना भी दिया और बैनर लगाकर विरोध जताया। उनका कहना था कि बिहार की जनता ने विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार के नाम और चेहरे पर भरोसा जताया था।
कार्यकर्ताओं का तर्क था कि जनता ने जिस उम्मीद के साथ उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में चुना, उस जनादेश का सम्मान होना चाहिए। इसलिए उन्होंने मुख्यमंत्री से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की। हालांकि पार्टी नेतृत्व का कहना है कि नीतीश कुमार किसी भी रूप में बिहार की राजनीति से दूर नहीं होंगे और राज्य के विकास के लिए सक्रिय भूमिका निभाते रहेंगे।



