IPLMatchAnalysis – 205 रन के बाद भी हुई जीटी की हार, गिल ने बताई वजह
IPLMatchAnalysis – बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में गुजरात टाइटन्स को 200 से अधिक का स्कोर खड़ा करने के बावजूद हार का सामना करना पड़ा। टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 205 रन बनाए, जो इस मैदान पर एक मजबूत स्कोर माना जाता है। इसके बावजूद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लक्ष्य का पीछा करते हुए 19वें ओवर में ही मैच अपने नाम कर लिया। इस मुकाबले के बाद कप्तान शुभमन गिल ने हार के पीछे के कारणों पर खुलकर बात की और उन अहम पलों की ओर इशारा किया, जहां मैच टीम के हाथ से निकल गया।

डेथ ओवर्स में रन गति थमना पड़ा भारी
शुभमन गिल ने स्वीकार किया कि उनकी टीम ने पारी के अंतिम चरण में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं किया। उन्होंने बताया कि 16वें से 19वें ओवर के बीच टीम एक भी बाउंड्री नहीं लगा सकी, जिससे स्कोर उतना आगे नहीं बढ़ पाया जितनी जरूरत थी।
गिल के अनुसार, अगर इन ओवरों में कुछ बड़े शॉट्स लग जाते, तो टीम 15-20 रन और जोड़ सकती थी, जो बाद में निर्णायक साबित हो सकते थे। उन्होंने यह भी कहा कि पावरप्ले के अंत तक टीम की स्थिति मजबूत थी, लेकिन अंत के ओवरों में लय टूट गई।
मिडिल ओवर्स में विकेट नहीं ले पाई टीम
कप्तान ने गेंदबाजी प्रदर्शन पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पावरप्ले के बाद टीम विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में सफल नहीं रही। खासतौर पर बीच के ओवरों में विकेट लेने में नाकामी ने मैच का रुख बदल दिया।
गिल का मानना था कि यदि इस चरण में कुछ अहम विकेट मिल जाते, तो मुकाबला बराबरी पर आ सकता था। लेकिन ऐसा नहीं हो सका और आरसीबी के बल्लेबाजों ने साझेदारी बनाकर लक्ष्य की ओर बढ़त बनाए रखी।
कोहली का छूटा कैच भी बना अहम मोड़
मैच के शुरुआती ओवर में विराट कोहली का एक आसान कैच छूट गया, जिसे लेकर भी गिल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस स्तर के खेल में ऐसे मौके मैच का रुख बदल सकते हैं।
कोहली उस समय शून्य पर थे, लेकिन जीवनदान मिलने के बाद उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 44 गेंदों में 81 रन बनाए। गिल ने माना कि फील्डिंग में छोटी सी चूक भी बड़े अंतर का कारण बन सकती है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मौके खेल का हिस्सा होते हैं और टीम को आगे बढ़कर बेहतर प्रतिक्रिया देनी चाहिए।
गेंदबाजी की रणनीति पर भी उठे सवाल
गिल ने यह भी संकेत दिया कि गेंदबाजों को सही लेंथ पर लगातार गेंदबाजी करने में मुश्किल हुई। उनके मुताबिक, इस पिच पर एक जैसी लेंथ बनाए रखना आसान नहीं था, लेकिन टीम इसे लगातार नहीं कर पाई।
उन्होंने कहा कि कुछ गेंदें इधर-उधर पड़ीं, जिसका फायदा आरसीबी के बल्लेबाजों ने उठाया। खासकर मिडिल ओवर्स में विपक्षी टीम ने संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए मैच पर पकड़ मजबूत कर ली।
युवा खिलाड़ियों और रणनीति पर कप्तान की नजर
मानव सुथार को लेकर गिल ने बताया कि टीम ने परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें मौका देने का फैसला किया था। उन्होंने कहा कि पिच पर कुछ गेंदें धीमी पकड़ बना रही थीं, इसलिए एक अलग विकल्प आजमाने की कोशिश की गई।
साई सुदर्शन के प्रदर्शन पर बात करते हुए गिल ने कहा कि वह पिछले कुछ मैचों में दबाव में थे, लेकिन इस मुकाबले में उन्होंने बेहतर प्रदर्शन किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले मैचों में टीम और संतुलित प्रदर्शन करेगी।
मुकाबले से मिले संकेत
यह मैच गुजरात टाइटन्स के लिए सीख लेकर आया है कि बड़े स्कोर के बावजूद मैच जीतने के लिए हर चरण में संतुलित प्रदर्शन जरूरी है। बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग—तीनों में छोटी-छोटी चूक भी नतीजे को प्रभावित कर सकती है।
आने वाले मुकाबलों में टीम इन पहलुओं पर ध्यान देकर वापसी की कोशिश करेगी।