उत्तर प्रदेश

RamMandirAyodhya – नव संवत्सर समारोह में 19 मार्च को शामिल होंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

RamMandirAyodhya – अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि परिसर में इस वर्ष नव संवत्सर के अवसर पर विशेष धार्मिक आयोजन की तैयारी तेज़ हो गई है। इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। जानकारी के अनुसार 19 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु राम मंदिर पहुंचेंगी और लगभग चार घंटे तक विभिन्न धार्मिक एवं औपचारिक कार्यक्रमों में भाग लेंगी। इस दौरान वह मंदिर परिसर में आयोजित अनुष्ठानों में शामिल होने के साथ-साथ मंदिर के दूसरे तल पर श्रीराम यंत्र और श्रीराम नाम मंदिर की स्थापना से जुड़े कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगी। राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए सुरक्षा, व्यवस्थाओं और कार्यक्रम के संचालन की तैयारियां पहले से ही शुरू कर दी गई हैं।

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राष्ट्रपति के दौरे को लेकर सुरक्षा और व्यवस्थाओं की तैयारी

राष्ट्रपति के कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए राम मंदिर परिसर और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। मंदिर के लगभग आठ एकड़ क्षेत्र में बने परकोटे को विशेष रूप से सुरक्षित क्षेत्र बनाने की योजना है। आयोजन के लिए परकोटे के बाहर उत्तर दिशा की ओर स्थित मैदान को संभावित स्थल के रूप में तैयार किया जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार आयोजन के दौरान यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि सामान्य श्रद्धालुओं के लिए राम मंदिर के दर्शन पूरी तरह बंद न हों। हालांकि जब राष्ट्रपति गर्भगृह के सामने दर्शन करेंगी, उस समय कुछ मिनटों के लिए सुरक्षा कारणों से श्रद्धालुओं को मंदिर के प्रवेश द्वार पर रोका जा सकता है। इसके बाद दर्शन व्यवस्था फिर से सामान्य रूप से जारी रहेगी।

आयोजन स्थल के लिए मैदान की तैयारियां लगभग पूरी

कार्यक्रम के लिए जिस मैदान को चुना गया है, वहां साफ-सफाई और बुनियादी व्यवस्थाओं का काम लगभग पूरा हो चुका है। प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट दोनों मिलकर इस आयोजन को सुव्यवस्थित बनाने में जुटे हैं।

राम जन्मभूमि परिसर में तैनात सुरक्षा एजेंसियों और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रतिनिधियों के बीच इस संबंध में कई दौर की बैठकें भी हो चुकी हैं। इन बैठकों में सुरक्षा, आगंतुकों की व्यवस्था और कार्यक्रम के संचालन से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई है।

बताया जा रहा है कि राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेन्द्र मिश्रा भी व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए शनिवार को अयोध्या पहुंच सकते हैं। उनके निरीक्षण के बाद कार्यक्रम की अंतिम रूपरेखा तय की जाएगी।

राम मंदिर आंदोलन से जुड़े लोगों को मिलेगा आमंत्रण

इस बार के आयोजन में विशेष रूप से उन लोगों को आमंत्रित करने की योजना बनाई गई है जिन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के लगभग तीन हजार लोगों को इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जा रहा है।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा के अनुसार, ऐसे कई लोग हैं जो प्राण प्रतिष्ठा समारोह या ध्वजारोहण कार्यक्रम में किसी कारणवश शामिल नहीं हो सके थे। इस आयोजन के माध्यम से उन्हें राम मंदिर परिसर में आमंत्रित करने की योजना बनाई गई है।

ट्रस्ट का उद्देश्य उन लोगों को सम्मान देना है जिन्होंने लंबे समय तक इस आंदोलन से जुड़े रहकर योगदान दिया।

निर्माण कार्य से जुड़ी एजेंसियों के प्रतिनिधि भी होंगे शामिल

राम मंदिर निर्माण में सहयोग देने वाली संस्थाओं और कंपनियों के प्रतिनिधियों को भी इस समारोह में आमंत्रित किया जा रहा है। इसके लिए प्रमुख निर्माण कंपनियों और उनसे जुड़ी इकाइयों से अधिकारियों और इंजीनियरों की सूची मांगी गई है।

सूत्रों के अनुसार लार्सन एंड टुब्रो, टाटा समूह और अन्य सहयोगी कंपनियों से जुड़े इंजीनियर तथा अधिकारी भी कार्यक्रम में भाग ले सकते हैं। मंदिर निर्माण की प्रक्रिया में इन संस्थाओं की तकनीकी और प्रबंधन संबंधी भूमिका महत्वपूर्ण रही है, इसलिए उन्हें भी इस अवसर पर आमंत्रित किया जा रहा है।

ट्रस्ट के अनुसार सभी आमंत्रित अतिथियों को मिलाकर इस आयोजन में करीब पांच हजार लोगों के शामिल होने की संभावना है।

श्रद्धालुओं की सुविधा पर भी रहेगा विशेष ध्यान

राष्ट्रपति के कार्यक्रम के बावजूद मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष योजना बनाई जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि आयोजन के दौरान भी दर्शन व्यवस्था अधिक प्रभावित न हो।

इसके लिए सुरक्षा एजेंसियों और मंदिर प्रबंधन के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है ताकि कार्यक्रम और श्रद्धालुओं की आवाजाही दोनों को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा सके।

अधिकारियों का कहना है कि सभी तैयारियां समय से पहले पूरी करने की कोशिश की जा रही है ताकि राष्ट्रपति के दौरे और नव संवत्सर समारोह का आयोजन सुचारु रूप से हो सके।

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