अंतर्राष्ट्रीय

GlobalSecurity – ईरान संघर्ष के बीच रहस्यमय एन्क्रिप्टेड संदेश से बढ़ी चिंता

GlobalSecurity – ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी सैन्य टकराव अब नौवें दिन में प्रवेश कर चुका है। इसी बीच एक नई खुफिया रिपोर्ट ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की कथित मौत के बाद एक एन्क्रिप्टेड रेडियो संदेश पकड़ा गया है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों द्वारा इंटरसेप्ट किए गए इस संदेश को लेकर आशंका जताई जा रही है कि यह विदेशों में सक्रिय या निष्क्रिय पड़े नेटवर्क को सक्रिय करने से जुड़ा संकेत हो सकता है।

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खुफिया एजेंसियों को मिला संदिग्ध रेडियो सिग्नल

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह संदेश 28 फरवरी को सामने आया, जब अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई के बाद खामेनेई की मौत की खबर सामने आई थी। खुफिया सूत्रों का कहना है कि इस संचार का पता रेडियो फ्रीक्वेंसी मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए लगाया गया।

प्रारंभिक विश्लेषण में यह संकेत मिला है कि संदेश संभवतः ईरान से प्रसारित हुआ था। हालांकि इसकी सटीक सामग्री अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है, क्योंकि यह पूरी तरह एन्क्रिप्टेड था। माना जा रहा है कि इस तरह का संदेश केवल उन्हीं लोगों के लिए उपयोगी होता है जिनके पास पहले से तय डिक्रिप्शन कुंजी मौजूद होती है।

कई देशों में दोहराया गया प्रसारण, पैटर्न ने बढ़ाई जिज्ञासा

रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि इस सिग्नल को कई अलग-अलग देशों में दोबारा प्रसारित होते हुए दर्ज किया गया। रेडियो फ्रीक्वेंसी गतिविधियों पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों के अनुसार यह पैटर्न सामान्य नहीं माना जाता।

खुफिया विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रकार के एन्क्रिप्टेड रेडियो संदेश कभी-कभी ऐसे नेटवर्क के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं जिन्हें इंटरनेट या मोबाइल संचार के बिना निर्देश भेजने की जरूरत होती है। इस तकनीक का फायदा यह होता है कि इससे डिजिटल ट्रैकिंग का खतरा कम रहता है और संदेश अपेक्षाकृत गोपनीय बना रहता है।

संभावित ‘स्लीपर सेल’ सक्रिय होने की आशंका

संघीय चेतावनी में यह संभावना जताई गई है कि ऐसा संदेश विदेशों में मौजूद ‘स्लीपर सेल’ या गुप्त एजेंटों को सक्रिय करने के उद्देश्य से भेजा गया हो सकता है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक कई देशों में ऐसे नेटवर्क वर्षों तक निष्क्रिय रहते हैं और जरूरत पड़ने पर उन्हें सक्रिय किया जाता है।

हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी खास देश या शहर से जुड़े तत्काल खतरे का कोई प्रत्यक्ष संकेत नहीं मिला है। इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है। खास तौर पर नए रेडियो स्टेशन या असामान्य संचार गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

बढ़ते संघर्ष के बीच सामने आई यह जानकारी

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब मध्य पूर्व में सैन्य टकराव लगातार तेज होता जा रहा है। खामेनेई की मौत की खबरों और नेतृत्व में संभावित बदलाव के बावजूद संघर्ष में कोई कमी नहीं दिख रही है।

सोमवार को इजरायली सेना ने मध्य ईरान के कई ठिकानों पर नए हमले किए। इसके साथ ही लेबनान की राजधानी बेरूत में हिजबुल्लाह से जुड़े ठिकानों को भी निशाना बनाया गया। इन हमलों से एक दिन पहले तेहरान में स्थित एक तेल डिपो पर भी इजरायल ने हमला किया था।

ईरान की ओर से भी जारी मिसाइल और ड्रोन हमले

दूसरी ओर ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई जारी रखी है। रिपोर्ट्स के अनुसार ईरानी सेना ने इजरायल के साथ-साथ मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों से जुड़े क्षेत्रों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इस वजह से पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत ने दावा किया है कि अब तक इस संघर्ष में 1332 नागरिकों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग घायल हुए हैं। वहीं अमेरिकी अधिकारियों ने भी पुष्टि की है कि संघर्ष के दौरान घायल हुए सातवें अमेरिकी सैनिक की इलाज के दौरान मौत हो गई।

मौजूदा हालात को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है और कई देशों ने क्षेत्र में अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा सलाह भी जारी की है।

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