GorakhpurMurderCase – प्रॉपर्टी डीलर की हत्या का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार
GorakhpurMurderCase – गोरखपुर के चिलुआताल थाना क्षेत्र में प्रॉपर्टी डीलर और समाजिक रूप से सक्रिय व्यक्ति राजकुमार चौहान की हत्या के मामले में पुलिस ने शुरुआती जांच पूरी करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। मंगलवार सुबह टहलने निकले राजकुमार पर पहले गोली चलाई गई और फिर उन पर धारदार हथियार से हमला किया गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन भी किया।

घटना के बाद बढ़ा जनाक्रोश
हत्या की खबर फैलते ही क्षेत्र में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों ने गोरखपुर-सोनौली मार्ग पर जाम लगा दिया, जिससे यातायात बाधित हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को शांत कराया। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हालात सामान्य किए गए। पोस्टमार्टम के बाद शाम के समय अंतिम संस्कार कराया गया।
पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जानकारी
देर रात जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर मामले का खुलासा किया। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों ने पूछताछ में हत्या की बात स्वीकार की है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह घटना पुरानी रंजिश का परिणाम बताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
रंजिश बना हत्या का कारण
जांच में सामने आया है कि मृतक के परिवार और आरोपियों के बीच पहले से विवाद चल रहा था। बताया गया कि कुछ समय पहले मृतक के भतीजे और एक आरोपी के बीच मारपीट हुई थी, जिसके बाद दोनों पक्षों में तनाव बढ़ गया था। पुलिस के अनुसार, इसी विवाद का बदला लेने के लिए आरोपियों ने इस घटना को अंजाम दिया।
घटनास्थल पर पहले से थे मौजूद आरोपी
पुलिस का कहना है कि आरोपी घटना वाले दिन पहले से ही मौके पर पहुंचकर छिप गए थे। जैसे ही राजकुमार वहां पहुंचे, उन पर हमला कर दिया गया। गोली चलाने के बाद आरोपियों ने चाकू से कई वार किए, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
सीसीटीवी और सर्विलांस से मिली मदद
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आसपास लगे कई सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इनमें कुछ संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दीं, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपियों तक पहुंच बनाई। हालांकि, फुटेज में सीधे हमले का दृश्य स्पष्ट नहीं है, लेकिन पुलिस ने इसे जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है।
आगे की जांच जारी
पुलिस ने इस मामले में कई लोगों को नामजद करते हुए केस दर्ज किया है और अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार की तलाश जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।\



