CrimeNews – आठ साल पुरानी रंजिश में पूर्व सैनिक ने पड़ोसी की हत्या
CrimeNews – केरल के एर्नाकुलम जिले के एक छोटे से गांव में पुरानी दुश्मनी ने एक बार फिर हिंसक रूप ले लिया। अय्यमपुझा इलाके में सोमवार शाम एक पूर्व सैनिक ने अपने पड़ोसी की गोली मारकर हत्या कर दी। यह विवाद कोई नया नहीं था, बल्कि करीब आठ साल पहले शुरू हुआ था, जिसकी चिंगारी भीतर ही भीतर सुलगती रही और आखिरकार एक गंभीर अपराध में बदल गई। घटना के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग इस अप्रत्याशित घटनाक्रम से स्तब्ध हैं।

सुलह के प्रयास के बीच अचानक वारदात
स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों परिवारों के बीच हाल ही में तनाव कम करने की कोशिशें हुई थीं। चर्च और गांव के कुछ जिम्मेदार लोगों ने पहल करते हुए दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया था। माहौल धीरे-धीरे सामान्य होता दिख रहा था। आरोपी पॉली अपनी बेटी की शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था, जिससे लोगों को लगा कि पुरानी कड़वाहट अब खत्म हो चुकी है। लेकिन सोमवार की शाम यह धारणा अचानक गलत साबित हुई।
नदी किनारे हुई घटना
पुलिस के मुताबिक, 57 वर्षीय आरोपी ने अपने पड़ोसी जोस को उस समय निशाना बनाया, जब वह अपने छोटे बेटे के साथ नदी में नहा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पहले दोनों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद आरोपी ने बंदूक निकालकर लगातार गोलियां चलाईं। जोस ने खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन गंभीर रूप से घायल होकर नदी में गिर पड़ा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह पूरी घटना उसके 11 वर्षीय बेटे के सामने हुई, जो डर के मारे वहां से भागकर घर पहुंचा।
घटना के बाद खुद पहुंचा थाने
वारदात के बाद आरोपी ने भागने की कोशिश नहीं की। वह सीधे नजदीकी पुलिस थाने पहुंचा और आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने बिना हिचक अपने अपराध को स्वीकार किया। प्रारंभिक पूछताछ में उसने बताया कि वह अपने पिता की मौत के लिए पड़ोसी को जिम्मेदार मानता था और जैसे ही उसे देखा, वह खुद को नियंत्रित नहीं कर सका।
पुराने विवाद से जुड़ा मामला
इस घटना की जड़ें वर्ष 2018 में हुए एक विवाद से जुड़ी हैं। उस समय पानी के उपयोग को लेकर दोनों परिवारों के बीच झगड़ा हुआ था, जो हिंसक हो गया। आरोप है कि इसी दौरान जोस ने गुस्से में आकर आरोपी के पिता पर हमला किया था, जिनकी कुछ समय बाद मौत हो गई। इस मामले में अदालत ने जोस को सजा सुनाई थी, लेकिन आरोपी को यह सजा पर्याप्त नहीं लगी।
गांव में वर्षों से बना हुआ था तनाव
स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना के बाद से ही दोनों परिवारों के बीच दूरी बनी रही। आरोपी कई बार अपने गुस्से को नियंत्रित करने की कोशिश करता रहा, लेकिन अंदर ही अंदर असंतोष बना रहा। उसने काउंसलिंग का सहारा भी लिया, मगर मन में बैठी शिकायत खत्म नहीं हो सकी। हाल ही में जोस ने गांव छोड़ने का भी फैसला किया था, ताकि विवाद दोबारा न बढ़े।
घटना से इलाके में दहशत
इस हत्या के बाद पूरे इलाके में डर और चिंता का माहौल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। यह घटना इस बात का उदाहरण बनकर सामने आई है कि लंबे समय तक दबा हुआ विवाद अगर समय रहते सुलझाया न जाए, तो उसका परिणाम कितना गंभीर हो सकता है।



