KhajanDasProfile – बूथ कार्यकर्ता से मंत्री बने खजान दास का सफर
KhajanDasProfile – देहरादून की राजपुर रोड विधानसभा सीट से विधायक खजान दास अब उत्तराखंड की राजनीति में एक अहम भूमिका निभाते नजर आ रहे हैं। लंबे समय तक संगठन के निचले स्तर पर काम करने के बाद उन्हें धामी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। यह उनकी राजनीतिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है, जहां एक साधारण कार्यकर्ता से मंत्री बनने तक का उनका सफर चर्चा में है।

जमीनी स्तर से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
खजान दास का राजनीतिक जीवन किसी पारंपरिक पृष्ठभूमि से नहीं, बल्कि संगठन के आधारभूत ढांचे से शुरू हुआ। उन्होंने वर्षों तक बूथ स्तर पर कार्यकर्ता के रूप में काम किया और धीरे-धीरे पार्टी में अपनी पहचान बनाई। भारतीय जनता पार्टी में वे अनुसूचित जाति वर्ग के प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं। लगातार सक्रियता और संगठन के प्रति प्रतिबद्धता के कारण उन्हें नेतृत्व का भरोसा मिला, जिसका परिणाम अब मंत्री पद के रूप में सामने आया है।
राजपुर रोड सीट पर लगातार दो बार जीत
राजनीतिक तौर पर खजान दास की मजबूती उनकी चुनावी सफलता से भी स्पष्ट होती है। उन्होंने पहली बार 2017 के विधानसभा चुनाव में राजपुर रोड सीट से जीत दर्ज की थी, जहां उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार राजकुमार को करीब 9 हजार वोटों से हराया। इसके बाद 2022 के चुनाव में भी उन्होंने उसी सीट से जीत हासिल की और इस बार जीत का अंतर और बढ़ गया। करीब 11 हजार वोटों के अंतर से मिली इस जीत ने क्षेत्र में उनकी पकड़ को और मजबूत किया।
साधारण पृष्ठभूमि से राजनीति तक का सफर
खजान दास का जीवन सफर भी कई लोगों के लिए प्रेरणादायक माना जा सकता है। देहरादून में जन्मे खजान दास ने कक्षा 8 तक ही औपचारिक शिक्षा प्राप्त की और उसके बाद पढ़ाई छोड़ दी। इसके बावजूद उन्होंने सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई और लोगों के बीच अपनी पहचान बनाई। इसी सामाजिक जुड़ाव ने उन्हें राजनीति की ओर प्रेरित किया और धीरे-धीरे वे एक स्थापित नेता के रूप में उभरे।
मंत्रिमंडल विस्तार में मिली नई जिम्मेदारी
शुक्रवार को हुए मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान खजान दास ने मंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ प्रदीप बत्रा, मदन कौशिक, राम सिंह कैड़ा और भरत चौधरी को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। राज्यपाल गुरमीत सिंह ने सभी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस विस्तार के बाद धामी सरकार के मंत्रियों की संख्या 7 से बढ़कर 12 हो गई है।
राजनीतिक संतुलन में अहम भूमिका
खजान दास को मंत्रिमंडल में शामिल करने को सामाजिक और राजनीतिक संतुलन के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अनुसूचित जाति समुदाय से आने वाले नेता के रूप में उनकी नियुक्ति सरकार के समावेशी दृष्टिकोण को दर्शाती है। साथ ही, उनकी संगठनात्मक पृष्ठभूमि और क्षेत्रीय अनुभव सरकार के कामकाज में भी उपयोगी साबित हो सकते हैं।
आगे की राजनीति में बढ़ती जिम्मेदारी
मंत्री बनने के बाद खजान दास के सामने अब प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी बढ़ गई हैं। उनकी भूमिका सिर्फ अपने क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे राज्य के विकास से जुड़ी नीतियों में उनकी भागीदारी होगी। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि वे अपने अनुभव और कार्यशैली के जरिए नई जिम्मेदारियों को किस तरह निभाते हैं।