Diplomacy – पश्चिम एशिया तनाव कम करने में भारत से बढ़ीं उम्मीदें
Diplomacy – पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत की भूमिका को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं। ईरान ने स्पष्ट संकेत दिया है कि मौजूदा हालात में भारत एक संतुलित और प्रभावी मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव के दौरान भारत लगातार बातचीत के जरिए समाधान निकालने पर जोर देता रहा है, जिसे सकारात्मक दृष्टि से देखा जा रहा है।

ईरान ने भारत को बताया भरोसेमंद साझेदार
भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फताली ने कहा कि भारत के पास वह क्षमता और कूटनीतिक संतुलन है, जिससे वह तनाव कम करने में अहम योगदान दे सकता है। उनके मुताबिक, भारत की विदेश नीति संतुलित रही है और वह सभी पक्षों के साथ संवाद बनाए रखने में सक्षम है। यही वजह है कि भारत को एक ऐसे देश के रूप में देखा जा रहा है जो मतभेदों को कम करने और बातचीत को आगे बढ़ाने में मदद कर सकता है।
सभी पक्षों से मजबूत संबंध भारत की ताकत
राजदूत ने यह भी रेखांकित किया कि भारत के अमेरिका, ईरान और अन्य क्षेत्रीय देशों के साथ ऐतिहासिक और रणनीतिक संबंध हैं। यह स्थिति भारत को एक ऐसे मंच पर खड़ा करती है, जहां से वह विभिन्न पक्षों के बीच विश्वास कायम कर सकता है। कूटनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे समय में जब संवाद के रास्ते सीमित हो जाते हैं, भारत जैसे देश की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाती है।
भारत सरकार ने भी बातचीत पर दिया जोर
इसी बीच भारत सरकार ने भी स्पष्ट किया है कि वह पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के पक्ष में है। हाल ही में हुई सर्वदलीय बैठक में यह जानकारी साझा की गई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत के दौरान युद्ध समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया। सरकार का मानना है कि जारी संघर्ष का असर केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी पड़ रहा है।
विदेश मंत्री का पाकिस्तान पर टिप्पणी
बैठक के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इस दिशा में पाकिस्तान की भूमिका नई नहीं है और इतिहास में वह पहले भी ऐसे प्रयास करता रहा है। साथ ही उन्होंने यह स्पष्ट किया कि भारत किसी भी तरह की मध्यस्थता की राजनीति का हिस्सा नहीं है और अपनी स्वतंत्र विदेश नीति के तहत निर्णय लेता है।
भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों पर भी चर्चा
इसी क्रम में भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग को लेकर भी महत्वपूर्ण बैठक हुई। नई दिल्ली में आयोजित बैठक में दोनों देशों ने रक्षा उपकरणों के संयुक्त निर्माण और तकनीकी सहयोग पर चर्चा की। यह बातचीत दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
ईरान ने युद्धविराम प्रस्ताव को किया खारिज
वहीं दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने इस प्रस्ताव को खारिज करते हुए क्षेत्र में अपने सैन्य अभियान को जारी रखने का संकेत दिया है। इससे साफ है कि फिलहाल हालात सामान्य होने के आसार कम नजर आ रहे हैं और तनाव बना रह सकता है।



