TejashwiYadav – विदेश नीति पर केंद्र पर निशाना, बिहार में कानून व्यवस्था पर सवाल
TejashwiYadav – बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने केंद्र सरकार की विदेश नीति और राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। बुधवार को मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में आम लोगों को जिन आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, उसके पीछे केंद्र की नीतियां जिम्मेदार हैं। उनका कहना था कि पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों को लेकर लोगों में चिंता बढ़ रही है और आने वाले समय में यह दबाव और बढ़ सकता है।

विदेश नीति को लेकर केंद्र सरकार पर आरोप
तेजस्वी यादव ने कहा कि देश की विदेश नीति अपेक्षित परिणाम नहीं दे पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को वह समर्थन नहीं मिल पा रहा, जिसकी जरूरत होती है। उनका कहना था कि जब क्षेत्रीय तनाव बढ़ा, तब पड़ोसी देशों का रुख भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं दिखा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को व्यापक दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है, ताकि देश के हितों की बेहतर रक्षा हो सके।
बिहार में कानून व्यवस्था पर चिंता
राज्य की स्थिति पर बोलते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में अपराध की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने मुजफ्फरपुर के गायघाट क्षेत्र में हुई एक हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि इस मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। उनके अनुसार, जिस संस्था पर कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी है, उसी पर आरोप लगना गंभीर चिंता का विषय है।
गायघाट घटना की निष्पक्ष जांच की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उनका कहना है कि जब तक पूरे घटनाक्रम की पारदर्शी जांच नहीं होगी, तब तक सच्चाई सामने नहीं आएगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों के कारण कार्रवाई में देरी हो रही है। तेजस्वी यादव ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना जरूरी है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
आंदोलन की चेतावनी
तेजस्वी यादव ने संकेत दिया कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं होती है, तो उनकी पार्टी इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाएगी। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराया जाएगा और जरूरत पड़ने पर सड़क से लेकर सदन तक आवाज उठाई जाएगी। उनके इस बयान से राजनीतिक माहौल में हलचल देखी जा रही है।
पश्चिम एशिया संकट पर सर्वदलीय बैठक
इसी बीच, पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर संसद में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विभिन्न दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया और मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। सरकार की ओर से स्थिति की जानकारी साझा की गई, जिस पर विपक्ष ने भी सहयोग का आश्वासन दिया।
सरकार और विपक्ष के बीच सहमति
बैठक के बाद जानकारी दी गई कि संकट की घड़ी में सभी दल एकजुट नजर आए। संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि विपक्ष को पूरी जानकारी दी गई और उन्होंने सरकार के प्रयासों का समर्थन किया। इससे यह संकेत मिलता है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर राजनीतिक मतभेदों के बावजूद एक साझा रुख अपनाने की कोशिश की जा रही है।
वैश्विक मंच पर भारत का रुख
बैठक में यह भी बताया गया कि भारत शांति और संतुलन की नीति पर कायम है। प्रधानमंत्री स्तर पर भी वैश्विक नेताओं से बातचीत के जरिए यह संदेश दिया गया है कि किसी भी विवाद का समाधान संवाद के माध्यम से होना चाहिए। विदेश नीति के इस दृष्टिकोण को सरकार ने अपनी प्राथमिकता बताया है।



