UttarakhandWeather – यमुनोत्री में हिमस्खलन, कई मार्ग क्षतिग्रस्त
UttarakhandWeather – उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मौसम लगातार चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। चारधाम यात्रा के प्रमुख स्थल यमुनोत्री धाम में हाल ही में हुए हिमस्खलन ने हालात और मुश्किल कर दिए हैं। इस घटना में कई रास्तों को नुकसान पहुंचा है, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है। वहीं, कपाट खुलने की तैयारियों में जुटे कुछ मजदूर भी इस इलाके में फंस गए हैं, जिन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं।

भारी बर्फबारी से बढ़ी मुश्किलें
स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से लगातार बर्फबारी हो रही है, जिससे इलाके में चार से पांच फीट तक बर्फ जमा हो चुकी है। ऐसे में सामान्य गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं। रास्ते बंद होने और फिसलन बढ़ने के कारण यात्रा मार्गों को दुरुस्त करना भी चुनौतीपूर्ण हो गया है।
अगले दिनों में भी मौसम रहेगा सक्रिय
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए भी सतर्क रहने की सलाह दी है। देहरादून स्थित केंद्र के अनुसार, राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में अगले पांच दिनों तक मौसम का मिजाज बदलता रहेगा। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के साथ बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने की उम्मीद है।
इन जिलों में रहेगा विशेष असर
पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में मौसम ज्यादा सक्रिय रहेगा। इन क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। 26 और 27 मार्च को इन जिलों में बादल, बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं।
महीने के अंत तक जारी रह सकता है असर
28 मार्च के बाद भी मौसम पूरी तरह साफ होने की संभावना कम है। 29 से 31 मार्च के बीच फिर से कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। कुछ मैदानी जिलों में भी छिटपुट बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है।
बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी
मौसम विभाग ने 27 और 29 मार्च के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। इन दिनों कुछ जिलों में आकाशीय बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। ऐसे में लोगों को खुले स्थानों से दूर रहने और सुरक्षित जगहों पर रहने की सलाह दी गई है।
बचाव और सतर्कता जरूरी
प्रशासन की ओर से भी लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और जरूरी सावधानियां बरतें। खासकर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से बचा जा सके।
तापमान में हल्का बदलाव संभव
तापमान के लिहाज से आने वाले एक-दो दिनों में कुछ क्षेत्रों में अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि इसके बाद तापमान में बड़े बदलाव की संभावना कम है।
यात्रा और स्थानीय जीवन पर असर
इस पूरे घटनाक्रम का असर न केवल चारधाम यात्रा की तैयारियों पर पड़ रहा है, बल्कि स्थानीय जीवन भी प्रभावित हो रहा है। ऐसे में प्रशासन और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।



