Politics – केरल में सियासी टकराव तेज, यूडीएफ ने सरकार पर साधा निशाना
Politics – केरल की राजनीति में चुनावी सरगर्मी के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला ने शनिवार को राज्य की वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के दोबारा सत्ता में आने के दावे को वास्तविकता से दूर बताते हुए कहा कि राज्य में सरकार के खिलाफ मजबूत असंतोष का माहौल बन चुका है। उनके अनुसार, जनता अब बदलाव चाहती है और इसका असर आगामी विधानसभा चुनाव में साफ दिखाई देगा।

आर्थिक फैसलों को लेकर सरकार पर सवाल
चेन्निथला ने प्रेस वार्ता में कहा कि मौजूदा सरकार के फैसलों ने आम लोगों की जेब पर लगातार दबाव बढ़ाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में बिजली दरों में कई बार बढ़ोतरी की गई है, बस किराया भी बार-बार बढ़ाया गया, जबकि पानी के शुल्क और जमीन पंजीकरण की लागत में भी इजाफा हुआ है। उनके मुताबिक, इन सभी कदमों का सीधा असर मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग पर पड़ा है, जिससे जनता में नाराजगी बढ़ी है।
यूडीएफ ने रखा 100 सीटों का लक्ष्य
विपक्षी गठबंधन यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) को लेकर चेन्निथला ने भरोसा जताया कि इस बार चुनाव में उन्हें स्पष्ट बढ़त मिलेगी। उन्होंने कहा कि यूडीएफ ने 100 सीटें जीतने का लक्ष्य तय किया है और सभी सहयोगी दल मिलकर इस दिशा में काम कर रहे हैं। उनका मानना है कि वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियां गठबंधन के पक्ष में हैं और संगठनात्मक स्तर पर भी तैयारी मजबूत की जा रही है।
भाजपा और वाम दलों पर मिलीभगत का आरोप
कांग्रेस नेता ने भारतीय जनता पार्टी और सीपीआई(एम) के बीच कथित तौर पर बढ़ते तालमेल को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में दोनों दलों के बीच एक प्रकार की समझ विकसित हुई है, जिसका असर चुनावी समीकरणों पर पड़ा है। चेन्निथला ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर दोनों पक्षों के राजनीतिक हित एक-दूसरे से टकराने के बजाय कई मामलों में मेल खाते नजर आते हैं।
चुनावी मुद्दों में बदलाव पर टिप्पणी
उन्होंने मुख्यमंत्री की चुनावी रणनीति को लेकर भी टिप्पणी की। चेन्निथला के अनुसार, लोकसभा चुनाव 2024 के बाद राज्य सरकार ने अपने मुद्दों में बदलाव किया है। पहले जहां नागरिकता संशोधन कानून जैसे विषयों को प्रमुखता दी गई, वहीं अब धार्मिक और सामाजिक मुद्दों को अधिक उछाला जा रहा है। उनका कहना है कि यह बदलाव राजनीतिक लाभ के लिए किया गया कदम है।
सॉफ्टवेयर खरीद में घोटाले का आरोप
चेन्निथला ने राज्य में सहकारी संस्थाओं के लिए सॉफ्टवेयर खरीद से जुड़े एक बड़े वित्तीय अनियमितता का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में सैकड़ों करोड़ रुपये की गड़बड़ी हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि यूडीएफ सत्ता में आती है, तो इस मामले की विस्तृत जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।