Jannah Theme License is not validated, Go to the theme options page to validate the license, You need a single license for each domain name.
बिज़नेस

GoldPrice – डेढ़ महीने में सोना-चांदी कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज

GoldPrice – पिछले कुछ हफ्तों में सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट ने निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों का ध्यान खींचा है। खासतौर पर बीते डेढ़ महीने में दोनों कीमती धातुओं के दामों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। जहां एक समय सोना रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था, वहीं अब कीमतों में आई गिरावट ने बाजार की दिशा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वैश्विक हालात और निवेशकों के रुझान में बदलाव को इसके पीछे अहम कारण माना जा रहा है।

gold price silver sharp fall update

सोने की कीमतों में तेज गिरावट का रुझान

आंकड़ों के अनुसार, 29 जनवरी 2026 को 24 कैरेट सोने की कीमत 1,75,340 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर थी। वहीं, 2 अप्रैल 2026 तक यह घटकर 1,34,293 रुपये पर आ गई। इस अवधि में सोने की कीमत में कुल 41,047 रुपये की गिरावट दर्ज की गई है। यह गिरावट सामान्य उतार-चढ़ाव से कहीं अधिक मानी जा रही है और बाजार में इसके संकेतों को गंभीरता से देखा जा रहा है।

चांदी में और ज्यादा गिरावट दर्ज

चांदी के दामों में भी इसी तरह की तेज गिरावट देखने को मिली है। 29 जनवरी को जहां चांदी 3,79,888 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर थी, वहीं 2 अप्रैल तक यह गिरकर 2,27,813 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। इस दौरान चांदी की कीमत में करीब 1.52 लाख रुपये की कमी आई है। यह गिरावट प्रतिशत के लिहाज से भी काफी बड़ी मानी जा रही है और यह बाजार में मांग और निवेश प्रवाह में बदलाव को दर्शाती है।

एक महीने के भीतर भी लगातार दबाव

अगर केवल पिछले एक महीने की बात करें तो भी कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा है। 2 मार्च 2026 को सोने की कीमत 1,67,471 रुपये प्रति 10 ग्राम थी, जो एक महीने में घटकर मौजूदा स्तर तक पहुंच गई। इसी अवधि में चांदी की कीमत 2,89,848 रुपये प्रति किलोग्राम से गिरकर 2,27,813 रुपये तक आ गई। इससे साफ है कि बाजार में दबाव धीरे-धीरे बना हुआ है, न कि यह अचानक आई गिरावट है।

गिरावट के पीछे बदलते वैश्विक संकेत

विशेषज्ञों के अनुसार, सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे कई वैश्विक कारण काम कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों के बावजूद निवेशक पारंपरिक सुरक्षित विकल्पों से दूरी बना रहे हैं। इसके बजाय, वे अमेरिकी डॉलर की ओर रुख कर रहे हैं, जिसकी मजबूती लगातार बढ़ रही है। डॉलर के मजबूत होने से आमतौर पर सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव आता है।

बाजार में अनिश्चितता का बढ़ता असर

वैश्विक स्तर पर बनी अस्थिरता ने निवेशकों की सोच को भी प्रभावित किया है। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिससे बाजार में असंतुलन का माहौल बन गया है। ऐसे हालात में निवेशक सुरक्षित विकल्पों के बजाय अधिक तरल और स्थिर माने जाने वाले साधनों की ओर झुकाव दिखा रहे हैं। यही वजह है कि कीमती धातुओं में निवेश कम होता दिखाई दे रहा है।

निवेश से पहले सतर्क रहने की जरूरत

बाजार के जानकारों का मानना है कि सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव कई कारकों पर निर्भर करता है, जिनमें वैश्विक आर्थिक स्थिति, मुद्रा विनिमय दर और निवेशकों की धारणा शामिल हैं। ऐसे में किसी भी निवेश निर्णय से पहले पूरी जानकारी और समझ जरूरी है। केवल कीमतों में आई गिरावट को देखकर जल्दबाजी में फैसला लेना सही रणनीति नहीं माना जाता।

Related Articles

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.