UPCabinet – योगी कैबिनेट बैठक में युवाओं और शिक्षाकर्मियों पर बड़ा फोकस
UPCabinet – उत्तर प्रदेश में मंगलवार सुबह होने वाली कैबिनेट बैठक को राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोक भवन में होने वाली इस बैठक में कई बड़े प्रस्तावों पर चर्चा और संभावित मंजूरी की उम्मीद है। खास बात यह है कि इन प्रस्तावों का सीधा संबंध युवाओं, शिक्षामित्रों और राज्य के बुनियादी ढांचे से जुड़ा हुआ है, जिससे व्यापक स्तर पर प्रभाव पड़ सकता है।

युवाओं के लिए डिजिटल योजनाओं पर जोर
बैठक में ‘स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना’ के अगले चरण को आगे बढ़ाने पर विचार किया जाएगा। इस योजना के तहत राज्य के बड़ी संख्या में छात्रों को लैपटॉप और स्मार्टफोन उपलब्ध कराने की तैयारी है। जानकारी के अनुसार, उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे करीब 25 लाख युवाओं को इसका लाभ मिल सकता है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को डिजिटल माध्यमों से जोड़कर उन्हें आधुनिक शिक्षा और रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करना है। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए खरीद प्रक्रिया और शर्तों पर भी कैबिनेट की मंजूरी ली जा सकती है।
शिक्षामित्रों के मानदेय में बढ़ोतरी पर फैसला संभव
कैबिनेट बैठक में शिक्षामित्रों और अनुदेशकों से जुड़े मुद्दे भी प्रमुखता से शामिल हैं। लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे इन शिक्षाकर्मियों को राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है। प्रदेश में लगभग डेढ़ लाख शिक्षामित्र और बड़ी संख्या में अनुदेशक कार्यरत हैं। सरकार इस प्रस्ताव के जरिए उनके मानदेय में वृद्धि करने के साथ कुछ अतिरिक्त सुविधाओं पर भी विचार कर सकती है। संकेत मिले हैं कि बढ़ा हुआ मानदेय आगामी वित्तीय वर्ष से लागू किया जा सकता है।
परिवहन ढांचे के आधुनिकीकरण पर जोर
बैठक में परिवहन विभाग से जुड़े प्रस्ताव भी चर्चा में रहेंगे। राज्य के कुछ जिलों में बस अड्डों के विकास और आधुनिकीकरण को गति देने की योजना है। इसके तहत सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के माध्यम से नए बस अड्डों का निर्माण किया जाएगा। बलरामपुर और हाथरस में प्रस्तावित बस अड्डों के लिए भूमि हस्तांतरण का मुद्दा भी एजेंडे में शामिल है। यदि इस पर मंजूरी मिलती है तो इन क्षेत्रों में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
अन्य प्रस्तावों पर भी रहेगी नजर
कैबिनेट के समक्ष औद्योगिक विकास, लोक निर्माण और आपदा राहत से जुड़े कई अन्य प्रस्ताव भी रखे जाने की संभावना है। इनमें कुछ तकनीकी और प्रशासनिक फैसले शामिल हो सकते हैं, जो राज्य के विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं। साथ ही, ऐतिहासिक परिस्थितियों में विस्थापित परिवारों के पुनर्वास से जुड़े प्रस्ताव पर भी चर्चा हो सकती है।
चुनावी परिप्रेक्ष्य में बढ़ी अहमियत
आगामी चुनावों को देखते हुए इस बैठक को विशेष महत्व दिया जा रहा है। सरकार के इन प्रस्तावों को युवाओं, कर्मचारियों और आम जनता के बीच सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा सकता है। हालांकि, अंतिम निर्णय कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होंगे, लेकिन संकेत यही हैं कि सरकार विकास और कल्याणकारी योजनाओं पर फोकस बनाए रखना चाहती है।