JanhviKapoor – मां श्रीदेवी के संघर्ष और निजी दर्द पर बोलीं अभिनेत्री
JanhviKapoor – अभिनेत्री जाह्नवी कपूर ने हाल ही में अपने निजी जीवन के उन पहलुओं पर खुलकर बात की, जिनसे वह लंबे समय तक जूझती रही हैं। एक बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि कैसे उनकी मां श्रीदेवी को अपने जीवन में कई तरह की आलोचनाओं और मुश्किलों का सामना करना पड़ा, और इसका असर उन पर भी गहराई से पड़ा। उन्होंने यह भी साझा किया कि मां के निधन के बाद उनकी जिंदगी किस तरह बदल गई।

सार्वजनिक नजरिए की कठोरता पर कही बात
जाह्नवी ने कहा कि उन्होंने करीब से देखा है कि सार्वजनिक जीवन में लोगों की राय कितनी सख्त हो सकती है। उनके मुताबिक, किसी भी कलाकार को लेकर बनने वाली धारणाएं कई बार बेहद कठोर होती हैं और उनका असर व्यक्ति की निजी जिंदगी पर भी पड़ता है। उन्होंने महसूस किया कि समय बीतने के बाद लोग अक्सर अपने नजरिए में बदलाव लाते हैं, लेकिन उस दौरान जो गुजरता है, वह आसान नहीं होता।
मां के निधन के बाद आई जिम्मेदारियां
अभिनेत्री ने 2018 में अपनी मां के निधन के बाद के दौर को याद करते हुए बताया कि वह उनके जीवन का सबसे कठिन समय था। उस समय उनकी फिल्म रिलीज के करीब थी, लेकिन निजी तौर पर वह एक बड़े भावनात्मक बदलाव से गुजर रही थीं। उन्होंने कहा कि पहले वह हर छोटे-बड़े फैसले के लिए मां पर निर्भर रहती थीं, लेकिन अचानक उन्हें खुद फैसले लेने पड़े, जिससे उनकी सोच और जिम्मेदारियों में तेजी से बदलाव आया।
निजी फैसलों में हुई गलतियों का जिक्र
जाह्नवी ने यह भी स्वीकार किया कि उस कठिन दौर में उन्होंने कुछ ऐसे फैसले लिए, जिनका असर उनकी मानसिक स्थिति पर पड़ा। उन्होंने कहा कि जीवन के उस चरण में उन्होंने कुछ गलत लोगों पर भरोसा किया, जिससे उन्हें भावनात्मक रूप से नुकसान हुआ। हालांकि, उन्होंने इन अनुभवों को सीख के रूप में देखा और आगे बढ़ने की कोशिश की।
पिता के साथ रिश्तों में बदलाव
उन्होंने यह भी कहा कि मां के जाने के बाद परिवार में एक खालीपन आ गया, जिसे भर पाना आसान नहीं है। उनके मुताबिक, उन्होंने सिर्फ अपनी मां को ही नहीं खोया, बल्कि अपने पिता के व्यक्तित्व का एक अलग रूप भी खो दिया, जो मां के साथ होने पर दिखाई देता था। उन्होंने मां के हास्य और परिवार को जोड़कर रखने की उनकी क्षमता को भी याद किया।
मां के संघर्ष को अब समझ पाईं
जाह्नवी ने बताया कि बचपन में वह अपनी मां के संघर्ष को पूरी तरह समझ नहीं पाईं थीं। अब पीछे मुड़कर देखने पर उन्हें एहसास होता है कि श्रीदेवी ने बहुत कम उम्र से काम शुरू किया और कई कठिन परिस्थितियों का सामना किया। उन्होंने कहा कि काश वह उस समय अपनी मां के प्रयासों को बेहतर तरीके से समझ पातीं।
आलोचनाओं का असर और बदला नजरिया
अभिनेत्री ने यह भी कहा कि उनकी मां को कई बार आलोचनाओं का सामना करना पड़ा और उन पर व्यक्तिगत टिप्पणियां भी की गईं। इन बातों का असर उनके सोचने के तरीके पर पड़ा था। जाह्नवी के अनुसार, अक्सर लोग किसी व्यक्ति के जीवनकाल में कठोर होते हैं, लेकिन समय के साथ वही नजरिया बदल जाता है।
जाह्नवी कपूर की यह बातचीत उनके निजी जीवन के उन पहलुओं को सामने लाती है, जो आमतौर पर सार्वजनिक मंच पर कम ही दिखते हैं। इसमें न केवल एक कलाकार की भावनात्मक यात्रा झलकती है, बल्कि परिवार और रिश्तों के महत्व को भी समझा जा सकता है।