RIMSControversy – रिम्स परिसर में मंदिर विवाद, निदेशक और पुजारी आमने-सामने
RIMSControversy – रांची स्थित रिम्स परिसर में बने हनुमान मंदिर को लेकर मंगलवार सुबह एक विवाद सामने आया, जिसने अस्पताल प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच तनाव की स्थिति पैदा कर दी। जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब सात बजे रिम्स के निदेशक डॉ. राजकुमार मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने पूजा-पाठ की व्यवस्था को लेकर आपत्ति जताई। इस दौरान मंदिर के पुजारी और निदेशक के बीच तीखी बातचीत हुई, जिसका असर पूरे परिसर में देखने को मिला।

पुजारी ने लगाया दबाव और अपमान का आरोप
मंदिर के पुजारी सोनू पांडेय का कहना है कि निदेशक के निर्देश पर उन्हें जबरन कान पकड़कर उठक-बैठक करने को कहा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में उन्हें मानसिक रूप से दबाव में लाया गया और बिना किसी गलती के माफी मांगने के लिए मजबूर किया गया। पुजारी के मुताबिक, मंदिर में चल रहे भजन-कीर्तन को भी बंद करा दिया गया और वहां मौजूद साउंड सिस्टम को जब्त कर लिया गया।
स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी
घटना के समय मंदिर में मौजूद कुछ लोगों ने भी प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाए। स्थानीय निवासी जिम्मी राय ने बताया कि सुरक्षाकर्मी जूते पहनकर मंदिर परिसर में दाखिल हुए और धार्मिक मर्यादाओं का ध्यान नहीं रखा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंदिर को बंद कराने की चेतावनी दी गई थी। घटना के बाद पुजारी कुछ समय के लिए मंदिर बंद कर चले गए, हालांकि बाद में लोगों के समझाने पर दोबारा पूजा शुरू हुई।
निदेशक ने बताई कार्रवाई की वजह
इस पूरे मामले पर रिम्स निदेशक डॉ. राजकुमार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि अस्पताल परिसर में लंबे समय से लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। उनका कहना है कि मरीजों के इलाज और आराम में बाधा पड़ रही थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि धार्मिक गतिविधियों की आड़ में अव्यवस्था फैल रही थी, जिसमें सट्टेबाजी और चोरी जैसी घटनाएं भी शामिल हैं। निदेशक के अनुसार, इस संबंध में कई बार चेतावनी दी गई थी, लेकिन नियमों का पालन नहीं किया गया।
मंदिर प्रबंधन में बदलाव का फैसला
विवाद के बाद रिम्स प्रशासन ने इस मुद्दे पर एक उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में तय किया गया कि मंदिर के संचालन को अब संस्थान के अधीन लाया जाएगा। इसके लिए एक सर्वधर्म प्रबंधन समिति गठित की गई है, जिसकी जिम्मेदारी मंदिर से जुड़े सभी मामलों की निगरानी करना होगी। साथ ही, पुजारी की नियुक्ति भी अब प्रशासन की ओर से की जाएगी।
साइलेंट जोन घोषित करने की तैयारी
अस्पताल प्रशासन ने मरीजों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए पूरे परिसर को साइलेंट जोन घोषित करने का भी निर्णय लिया है। इसके तहत लाउडस्पीकर, अनावश्यक शोर और वाहनों के हॉर्न पर सख्ती से नियंत्रण रखा जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को शांत वातावरण मिलना जरूरी है, इसलिए ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं।