ExamLeak – झारखंड भर्ती परीक्षा में पेपर लीक संदेह पर बड़ी कार्रवाई
ExamLeak – झारखंड में आयोजित आबकारी कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें पेपर लीक की आशंका के बीच बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां की गई हैं। रविवार को इस मामले में 159 अभ्यर्थियों सहित कुल 164 लोगों को हिरासत में लिया गया। अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरे प्रकरण में एक संगठित गिरोह की भूमिका की जांच की जा रही है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी कराने के लिए सक्रिय बताया जा रहा है।

रांची के पास संदिग्ध गतिविधि से खुला मामला
जानकारी के अनुसार, रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि तमाड़ थाना क्षेत्र के रड़गांव स्थित एक इमारत में बड़ी संख्या में परीक्षार्थी संदिग्ध परिस्थितियों में एकत्र हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और वहां मौजूद 159 अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया। शुरुआती जांच में कई अहम तथ्य सामने आए हैं, जिनकी पुष्टि की जा रही है।
प्रश्नपत्र के कथित सेट जब्त
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने बताया कि मौके से प्रश्नपत्रों के चार अलग-अलग सेट बरामद किए गए हैं। ये प्रश्नपत्र प्रिंट और डिजिटल दोनों रूपों में उपलब्ध थे। हालांकि, प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि ये प्रश्नपत्र वास्तविक परीक्षा से पूरी तरह मेल नहीं खाते थे। इसके बावजूद, इनकी सत्यता और स्रोत को लेकर जांच जारी है।
अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूलने का आरोप
जांच एजेंसियों को यह भी संकेत मिले हैं कि गिरोह द्वारा अभ्यर्थियों से 10 से 15 लाख रुपये तक की रकम लेकर उन्हें प्रश्न और उत्तर उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि कई अभ्यर्थियों को इस बहाने एक स्थान पर इकट्ठा किया गया था। कुछ मामलों में अभ्यर्थियों ने बैंक के माध्यम से भुगतान भी किया था, जिसकी जांच की जा रही है।
मोबाइल और दस्तावेज पहले ही ले लिए गए थे
पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्यों ने अभ्यर्थियों से उनके मोबाइल फोन और प्रवेश पत्र पहले ही अपने कब्जे में ले लिए थे, ताकि किसी तरह की सूचना बाहर न जा सके। यह तरीका जांच एजेंसियों के लिए संदेह का एक बड़ा आधार बना है। अब इन सभी पहलुओं को तकनीकी साक्ष्यों के साथ जोड़ा जा रहा है।
मुख्य आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
जांच में सामने आया है कि इस मामले का मुख्य आरोपी एक ऐसे नेटवर्क से जुड़ा हुआ है, जो पहले भी कई राज्यों में परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं में शामिल रहा है। उस पर राजस्थान, बिहार और उत्तर प्रदेश की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोप लग चुके हैं। पुलिस इस कड़ी को गंभीरता से खंगाल रही है और अन्य संभावित कनेक्शन की तलाश जारी है।
आगे की जांच और संभावित कार्रवाई
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग और पुलिस दोनों ही इस मामले की गहन जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि अभी कई पहलुओं की पुष्टि होना बाकी है और इसमें शामिल अन्य लोगों की तलाश के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि परीक्षा प्रक्रिया कितनी प्रभावित हुई है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज
इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद राज्य में राजनीतिक प्रतिक्रिया भी देखने को मिली है। विपक्षी दलों ने सरकार पर सवाल उठाए हैं और परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर चिंता जताई है। कुछ स्थानों पर विरोध प्रदर्शन भी हुए, जहां निष्पक्ष जांच और परीक्षा दोबारा कराने की मांग उठाई गई।