CoalScam – आई-पैक के सह-संस्थापक विनेश चंदेल ईडी की कार्रवाई में गिरफ्तार
CoalScam – राजनीतिक रणनीति तैयार करने वाली चर्चित संस्था आई-पैक से जुड़े एक बड़े घटनाक्रम में प्रवर्तन निदेशालय ने कंपनी के सह-संस्थापक और निदेशक विनेश चंदेल को गिरफ्तार किया है। एजेंसी के मुताबिक यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल में सामने आए कथित कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले के तहत की गई है। सोमवार को जारी आधिकारिक जानकारी में ईडी ने कहा कि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर चंदेल को हिरासत में लिया गया है और उनसे आगे पूछताछ की जा रही है।

पहले भी कई ठिकानों पर हुई थी छापेमारी
इस मामले में ईडी पहले ही व्यापक स्तर पर जांच कर चुकी है। 2 अप्रैल को एजेंसी ने देश के अलग-अलग शहरों में कई स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया था। इसमें दिल्ली स्थित आई-पैक का दफ्तर, बेंगलुरु में सह-संस्थापक ऋषि राज सिंह का कार्यालय और मुंबई में आम आदमी पार्टी के पूर्व संचार प्रभारी विजय नायर का ठिकाना शामिल था। इन छापों के दौरान कई दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जुटाए गए थे, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की गई।
जनवरी में भी हुई थी बड़ी कार्रवाई
इससे पहले जनवरी महीने में भी ईडी ने इस मामले में सक्रियता दिखाई थी। 8 जनवरी को एजेंसी ने कोलकाता स्थित आई-पैक कार्यालय और इसके एक अन्य निदेशक प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी की थी। उस दौरान यह मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आ गया था, जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंच गई थीं। बाद में यह घटनाक्रम अदालत तक पहुंचा, जहां न्यायालय ने इस हस्तक्षेप पर नाराजगी जताई थी।
कोयला घोटाले की पृष्ठभूमि
जिस मामले में यह कार्रवाई हो रही है, उसकी शुरुआत नवंबर 2020 में दर्ज एक एफआईआर से हुई थी। आरोप है कि पश्चिम बंगाल के आसनसोल और आसपास के कुनुस्तोरिया तथा काजोरा इलाकों में स्थित ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की खदानों से बड़े पैमाने पर अवैध रूप से कोयला निकाला गया। इस कथित घोटाले में करोड़ों रुपये के लेनदेन और तस्करी की बात सामने आई थी, जिसकी जांच बाद में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से शुरू की गई।
हवाला नेटवर्क और फंडिंग पर जांच
ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि कथित कोयला तस्करी नेटवर्क से जुड़े एक हवाला ऑपरेटर ने कुछ कंपनियों के जरिए धन के लेनदेन में भूमिका निभाई। एजेंसी का दावा है कि इसी कड़ी में आई-पैक से जुड़ी कंपनी इंडियन पीएसी कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड तक भी धन पहुंचाने में मदद की गई थी। हालांकि इस मामले में अभी जांच जारी है और एजेंसी सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल कर रही है।
आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया
विनेश चंदेल की गिरफ्तारी के बाद अब ईडी उनसे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क को समझने की कोशिश करेगी। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित अवैध कमाई का इस्तेमाल कहां और कैसे किया गया। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि इस मामले में और किन लोगों या संस्थाओं की भूमिका हो सकती है। फिलहाल मामला जांच के अधीन है और आगे की कानूनी प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।



