ElectionPolitics – बंगाल में ओवैसी का आरोप, पीएम मोदी और ममता पर निशाना
ElectionPolitics – पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में चुनावी माहौल के बीच AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। रघुनाथगंज विधानसभा क्षेत्र में आयोजित सभा में उन्होंने दोनों नेताओं को एक ही राजनीतिक सोच का हिस्सा बताते हुए आरोप लगाया कि राज्य की राजनीति में मुस्लिम समुदाय के हितों की अनदेखी की जा रही है। ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी किसी भी स्थिति में समुदाय के मुद्दों पर समझौता नहीं करेगी।

स्टिंग वीडियो के बाद तेज हुई सियासी बयानबाजी
ओवैसी का यह बयान उस समय सामने आया है जब हाल ही में तृणमूल कांग्रेस की ओर से एक वीडियो साझा किया गया था, जिसमें एक अन्य राजनीतिक दल के नेता कथित आर्थिक सौदे की बात करते नजर आए। इस वीडियो को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। AIMIM ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर बताते हुए कहा कि इससे मुस्लिम समाज की छवि पर सवाल उठते हैं और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
मुस्लिम समुदाय के साथ भेदभाव का आरोप
सभा के दौरान ओवैसी ने पश्चिम बंगाल में मुस्लिम समुदाय की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि राज्य में अल्पसंख्यकों के साथ न्याय नहीं हो रहा है और उन्हें कई मामलों में पीछे रखा गया है। ओवैसी ने कहा कि लोगों से सेकुलर मूल्यों के नाम पर समर्थन मांगा जाता है, लेकिन जमीनी स्तर पर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता।
ऐतिहासिक संदर्भों के साथ सरकार पर सवाल
अपने भाषण में ओवैसी ने अतीत का जिक्र करते हुए कहा कि पहले भी बंगाल में मुस्लिम समुदाय को लेकर विवादित फैसले सामने आए थे। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मुद्दों पर खुली चर्चा होनी चाहिए और पारदर्शिता जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने यह सवाल उठाया कि क्या वर्तमान व्यवस्था वास्तव में सभी वर्गों के साथ समान व्यवहार कर रही है।
मजदूर वर्ग के लिए किए वादे
ओवैसी ने अपने संबोधन में बीड़ी बनाने वाली महिलाओं की स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं के लिए न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उनके मुताबिक, यह वर्ग लंबे समय से आर्थिक असुरक्षा का सामना कर रहा है और उन्हें उचित पारिश्रमिक मिलना चाहिए। उन्होंने वादा किया कि यदि उनकी पार्टी को अवसर मिला तो इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
ओबीसी प्रमाणपत्र और विकास पर उठाए सवाल
ओवैसी ने पिछले साल के एक न्यायिक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि बड़ी संख्या में ओबीसी प्रमाणपत्र रद्द किए गए थे, जिनमें मुस्लिम समुदाय के लोग भी शामिल थे। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय से जुड़ा मुद्दा बताया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में विकास का लाभ सीमित क्षेत्रों तक ही केंद्रित है और कई जिलों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
चुनावी माहौल और आगे की रणनीति
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में आयोजित होने हैं, जिनकी तारीखें 23 और 29 अप्रैल तय हैं, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। ओवैसी ने संकेत दिया कि उनकी पार्टी राज्य के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय रूप से अभियान चलाएगी और स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी।



