बिहार

SamratChoudhary – बिहार में भाजपा नेतृत्व में बनेगी नई सरकार, आज शपथ लेंगे नेता

SamratChoudhary – बिहार की राजनीति में आज एक महत्वपूर्ण बदलाव दर्ज होने जा रहा है। राज्य के डिप्टी सीएम रहे सम्राट चौधरी अब मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं। भाजपा विधायक दल की बैठक में उन्हें लगातार तीसरी बार नेता चुना गया, जिसके बाद उनके नेतृत्व में एनडीए सरकार का गठन तय हो गया। आज 15 अप्रैल को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में उनके साथ जेडीयू के दो वरिष्ठ नेता भी उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। फिलहाल मंत्रिमंडल सीमित रहेगा और बाद में इसका विस्तार किया जाएगा।

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पहली बार भाजपा के हाथ में बिहार की कमान

बिहार के राजनीतिक इतिहास में यह पहला अवसर है जब भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में सरकार बनेगी और पार्टी का कोई नेता मुख्यमंत्री पद संभालेगा। इससे पहले भाजपा गठबंधन में जरूर रही, लेकिन नेतृत्व हमेशा सहयोगी दलों के पास रहा। इस बदलाव को राज्य की राजनीति में नए समीकरणों के रूप में देखा जा रहा है।

लंबे समय से चली आ रही धारणा टूटी

सम्राट चौधरी का मुख्यमंत्री बनना एक पुरानी राजनीतिक धारणा को भी तोड़ता है। बिहार में लंबे समय से यह माना जाता रहा कि उपमुख्यमंत्री बनने वाला नेता कभी मुख्यमंत्री की कुर्सी तक नहीं पहुंच पाता। लगभग 56 वर्षों से यह सिलसिला जारी था। अब सम्राट चौधरी इस परंपरा को खत्म करते हुए इस पद तक पहुंचने वाले दूसरे नेता बन गए हैं।

कर्पूरी ठाकुर के बाद दूसरा उदाहरण

इतिहास पर नजर डालें तो समाजवादी नेता कर्पूरी ठाकुर आखिरी ऐसे उपमुख्यमंत्री थे, जिन्हें मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला था। उन्होंने 1970 में पहली बार इस पद की जिम्मेदारी संभाली थी। इसके बाद कई नेता उपमुख्यमंत्री बने, लेकिन कोई भी मुख्यमंत्री नहीं बन सका। सम्राट चौधरी अब इस सूची में नया नाम जोड़ते हुए इस अंतराल को समाप्त कर रहे हैं।

सीमित कैबिनेट के साथ शुरुआत

शपथ ग्रहण के दौरान केवल कुछ ही नेता मंत्री पद की शपथ लेंगे। जानकारी के अनुसार, प्रारंभिक चरण में सीमित कैबिनेट के साथ सरकार काम शुरू करेगी। बाद में भाजपा, जेडीयू और अन्य सहयोगी दलों के नेताओं को शामिल करते हुए मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा। इससे सरकार को धीरे-धीरे पूर्ण स्वरूप दिया जाएगा।

नीतिगत और राजनीतिक संकेत

इस बदलाव को केवल नेतृत्व परिवर्तन के रूप में नहीं, बल्कि व्यापक राजनीतिक संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है। भाजपा के नेतृत्व में सरकार बनने से राज्य में नीतियों और प्राथमिकताओं में कुछ बदलाव संभव हैं। हालांकि, सहयोगी दलों के साथ तालमेल बनाए रखना सरकार के लिए महत्वपूर्ण चुनौती भी रहेगा।

पूर्व डिप्टी सीएम नहीं बन सके थे मुख्यमंत्री

राज्य में कई ऐसे नेता रहे हैं जो उपमुख्यमंत्री पद तक पहुंचे, लेकिन मुख्यमंत्री नहीं बन पाए। इनमें सुशील कुमार मोदी और तेजस्वी यादव जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। सम्राट चौधरी ने इस क्रम को बदलते हुए सीधे शीर्ष पद तक पहुंच बनाई है, जो उनके राजनीतिक सफर का अहम पड़ाव माना जा रहा है।

आगे की राजनीति पर नजरें

अब ध्यान इस बात पर रहेगा कि नई सरकार किस तरह काम करती है और आने वाले समय में कौन-कौन से फैसले लिए जाते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव राज्य की आगामी राजनीति और चुनावी समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है।

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