IPO Listing – होराइजन रिक्लेम की दमदार एंट्री, निवेशकों को मिला प्रीमियम
IPO Listing – रबर पुनर्चक्रण क्षेत्र में काम करने वाली होराइजन रिक्लेम (इंडिया) ने शेयर बाजार में मजबूत शुरुआत करते हुए निवेशकों को आकर्षक लिस्टिंग लाभ दिया। कंपनी के शेयर शुक्रवार को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर 151 रुपये के भाव पर सूचीबद्ध हुए, जो इसके 103 रुपये के निर्गम मूल्य की तुलना में करीब 46.6 प्रतिशत अधिक था। हालांकि शुरुआती उत्साह के बाद शेयर में कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली और कारोबार के दौरान यह 143.45 रुपये तक फिसल गया।

लिस्टिंग के बाद निवेशकों ने की मुनाफावसूली
बाजार में प्रवेश के साथ ही कंपनी के शेयरों को अच्छी मांग मिली, लेकिन ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद कुछ निवेशकों ने लाभ बुक करना उचित समझा। इसी वजह से शेयर अपने शुरुआती स्तर से नीचे आया। इसके बावजूद सूचीबद्ध होने के दिन शेयर अपने आईपीओ मूल्य से काफी ऊपर बना रहा, जिससे शुरुआती निवेशकों को लाभ मिला।
जुटाई गई राशि का होगा विस्तार में उपयोग
कंपनी ने अपने सार्वजनिक निर्गम के माध्यम से लगभग 54 करोड़ रुपये जुटाए हैं। प्रबंधन के अनुसार, इस धनराशि का उपयोग कारोबार की कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं को पूरा करने, मौजूदा कर्ज के एक हिस्से का भुगतान करने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त प्लांट एवं मशीनरी स्थापित करने में किया जाएगा। इसके अलावा कुछ राशि सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों पर भी खर्च की जाएगी।
रीसाइकल्ड रबर कारोबार में सक्रिय है कंपनी
वर्ष 2006 में स्थापित होराइजन रिक्लेम (इंडिया) पुनर्चक्रित रबर के निर्माण से जुड़ी हुई है। कंपनी पुराने टायरों, रबर ट्यूबों और अन्य इस्तेमाल किए गए रबर उत्पादों से रिक्लेम्ड रबर तैयार करती है। यह उत्पाद विभिन्न औद्योगिक उपयोगों में काम आता है और पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
कंपनी का व्यवसाय मुख्य रूप से बिजनेस-टू-बिजनेस मॉडल पर आधारित है। इसके ग्राहक छोटे और मध्यम उद्योगों के साथ विभिन्न औद्योगिक इकाइयां हैं, विशेषकर देश के उत्तर और पश्चिमी क्षेत्रों में।
आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त समर्थन
होराइजन रिक्लेम का आईपीओ 12 जून को खुला था और 16 जून तक निवेशकों के लिए उपलब्ध रहा। निवेशकों की मजबूत रुचि का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह सार्वजनिक निर्गम कुल 304.11 गुना सब्सक्राइब हुआ।
रिटेल निवेशकों की श्रेणी में 308.30 गुना आवेदन प्राप्त हुए, जबकि गैर-संस्थागत निवेशकों की श्रेणी में मांग और भी अधिक रही। इस वर्ग में आईपीओ को 450.74 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। वहीं, योग्य संस्थागत खरीदारों की श्रेणी में भी 186.72 गुना आवेदन दर्ज किए गए।
एंकर निवेशकों से पहले ही जुटाई थी पूंजी
सार्वजनिक निर्गम खुलने से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों के माध्यम से 15.46 करोड़ रुपये जुटाए थे। इससे बाजार में कंपनी के प्रति निवेशकों का भरोसा पहले ही दिखाई दे चुका था। आईपीओ में शेयर आवंटन प्रक्रिया 17 जून को पूरी की गई थी।
प्रमोटर्स की हिस्सेदारी पर नजर
कंपनी के प्रमोटर्स मोहित बजाज और मल्लिका बजाज हैं। आईपीओ से पहले कंपनी में उनकी संयुक्त हिस्सेदारी 95.84 प्रतिशत थी। सार्वजनिक निर्गम के बाद शेयरधारिता संरचना में बदलाव आया है, जिससे आम निवेशकों की भागीदारी भी बढ़ी है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत सब्सक्रिप्शन और प्रीमियम लिस्टिंग कंपनी के प्रति निवेशकों के सकारात्मक रुख को दर्शाती है। हालांकि भविष्य में शेयर का प्रदर्शन कंपनी की वित्तीय प्रगति, उत्पादन क्षमता विस्तार और बाजार स्थितियों पर निर्भर करेगा।