AllbirdsStock – जूते बनाने वाली कंपनी ने बदली दिशा, AI में की एंट्री
AllbirdsStock – एक समय पर्यावरण के अनुकूल जूतों के लिए जानी जाने वाली कंपनी ऑलबर्ड्स इंक ने हाल ही में ऐसा फैसला लिया है, जिसने निवेशकों और बाजार दोनों को चौंका दिया है। 31 मार्च को कंपनी ने अपने कारोबार को बंद करने और लगभग 39 मिलियन डॉलर में अपनी संपत्तियां बेचने की योजना का ऐलान किया था। लेकिन कुछ ही दिनों के भीतर कंपनी ने इस फैसले से पीछे हटते हुए पूरी तरह नई दिशा अपनाने का निर्णय लिया। अब कंपनी ने खुद को NewBird Inc. के रूप में रीब्रांड करते हुए AI कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में कदम रखने की घोषणा की है।

रणनीति बदलते ही शेयरों में जबरदस्त उछाल
कंपनी के इस अप्रत्याशित फैसले का असर शेयर बाजार में तुरंत देखने को मिला। एक दिन पहले तक सामान्य स्तर पर कारोबार कर रहा स्टॉक अचानक तेजी से उछल गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शेयर ने कुछ ही समय में कई गुना बढ़त दर्ज की और इंट्राडे में बड़ी छलांग लगाई। हालांकि बाद में थोड़ी गिरावट भी आई, लेकिन दिन के अंत तक यह शेयर उल्लेखनीय बढ़त के साथ बंद हुआ। इस तेजी से कंपनी के बाजार मूल्य में भी भारी इजाफा दर्ज किया गया।
AI से जुड़ाव नहीं, फिर भी निवेशकों की दिलचस्पी
दिलचस्प बात यह है कि अब तक कंपनी का मुख्य कारोबार जूते और लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स तक सीमित था, और AI क्षेत्र से उसका कोई सीधा संबंध नहीं था। इसके बावजूद निवेशकों ने नई योजना को सकारात्मक रूप में लिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी लगभग 50 मिलियन डॉलर का फंड जुटाने की तैयारी में है, जिसे आगे चलकर इक्विटी में बदला जा सकता है। इस पूंजी का इस्तेमाल कंप्यूटर हार्डवेयर खरीदने और AI आधारित सेवाओं की दिशा में विस्तार के लिए किया जाएगा।
नई पहचान के साथ नई दिशा
रीब्रांडिंग के तहत कंपनी अब GPU आधारित सेवाएं और क्लाउड सॉल्यूशंस देने की योजना पर काम कर रही है। इसका उद्देश्य खुद को तेजी से बढ़ते AI सेक्टर में स्थापित करना है। हालांकि यह बदलाव काफी बड़ा और जोखिम भरा माना जा रहा है, क्योंकि कंपनी का पिछला अनुभव इस क्षेत्र से जुड़ा नहीं रहा है। फिर भी बाजार में AI से जुड़ी कंपनियों के प्रति बढ़ते आकर्षण का असर इस फैसले पर साफ दिखाई देता है।
विशेषज्ञों ने जताई सतर्कता की जरूरत
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की तेजी निवेशकों के उत्साह को दिखाती है, लेकिन इसमें जोखिम भी कम नहीं है। कुछ विशेषज्ञों ने संकेत दिया है कि तेजी के माहौल में इस तरह की उछाल असामान्य नहीं होती, लेकिन निवेश करते समय सावधानी जरूरी है। उनका कहना है कि केवल नई घोषणा के आधार पर दीर्घकालिक निवेश का फैसला करना जोखिम भरा हो सकता है।
रिटेल निवेशकों की बढ़ी भागीदारी
इस तेजी में छोटे निवेशकों की भूमिका भी अहम रही है। शेयर में अचानक बढ़ी ट्रेडिंग वॉल्यूम और उतार-चढ़ाव इस बात का संकेत देते हैं कि रिटेल निवेशकों ने इसमें दिलचस्पी दिखाई। कुछ निवेश फंड्स और मेमे-स्टॉक से जुड़े प्लेटफॉर्म्स ने भी इस ट्रेंड को बढ़ावा दिया, जिससे शेयर की कीमत में तेजी आई।
IPO से अब तक का उतार-चढ़ाव
ऑलबर्ड्स का सफर पिछले कुछ वर्षों में काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। 2021 में कंपनी ने जब शेयर बाजार में एंट्री की थी, तब उसे काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला था और उसका वैल्यूएशन ऊंचाई पर पहुंच गया था। लेकिन समय के साथ प्रदर्शन कमजोर पड़ता गया और कंपनी की बाजार कीमत में गिरावट आई। हालिया घटनाक्रम ने एक बार फिर इसे चर्चा में ला दिया है।



