बिहार

DogAttack – मुजफ्फरपुर में आवारा कुत्तों के हमले से मासूम की हुई मौत

DogAttack – मुजफ्फरपुर जिले के अहियापुर थाना क्षेत्र के राजा पुनास गांव में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां घर के बाहर खेल रही डेढ़ साल की बच्ची रुक्मिणी कुमारी पर आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। हमले में बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई और इलाज के लिए ले जाते समय उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में शोक की लहर है और पूरे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।

muzaffarpur stray dog attack child death

खेलते समय अचानक हुआ हमला

परिजनों के अनुसार, बच्ची अपने घर के दरवाजे पर खेल रही थी और परिवार के लोग भी आसपास ही मौजूद थे। इसी दौरान पांच से छह आवारा कुत्ते अचानक वहां पहुंच गए और बच्ची पर टूट पड़े। कुत्तों ने उसे बुरी तरह नोचा और खींचते हुए खेत की ओर ले जाने लगे। जब तक परिवार के लोग स्थिति समझ पाते और उसे बचाने के लिए दौड़ते, तब तक बच्ची गंभीर रूप से जख्मी हो चुकी थी।

अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम

परिजन घायल बच्ची को तुरंत इलाज के लिए श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल लेकर रवाना हुए। लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। चिकित्सकों के अनुसार, शरीर पर गहरे घाव और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस घटना ने परिवार को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया है।

इलाके में पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं

स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव और आसपास के क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हाल के दिनों में कई लोग इनके हमले का शिकार हो चुके हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले कुछ समय में करीब 40 लोग कुत्तों के काटने से घायल हुए हैं। इसके बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।

पुरानी घटनाओं की याद से बढ़ी चिंता

यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की घटना सामने आई हो। करीब साढ़े तीन साल पहले मिठनपुरा इलाके में भी एक बच्ची की कुत्तों के हमले में मौत हो चुकी है। उस घटना में भी बच्ची घर से बाहर निकली थी और अचानक कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया था। ऐसी घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल बना रहता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी बढ़ा खतरा

मुजफ्फरपुर के ग्रामीण इलाकों में भी आवारा कुत्तों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। कई मामलों में बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। बोचहां क्षेत्र में दो बच्चियों पर हमले के दौरान उनके सिर पर गहरे घाव आए थे और उन्हें लंबे समय तक इलाज कराना पड़ा। इससे साफ है कि समस्या केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांवों में भी स्थिति चिंताजनक है।

प्रशासनिक कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

स्थानीय लोगों का आरोप है कि समस्या के समाधान के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। पहले भी कुत्तों की नसबंदी और नियंत्रण के लिए योजनाएं बनाई गई थीं, लेकिन उनका क्रियान्वयन अपेक्षित स्तर पर नहीं हो सका। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी घटनाएं आगे भी हो सकती हैं।

सुरक्षा को लेकर बढ़ी मांग

घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस और स्थायी उपाय जरूरी हैं। फिलहाल, इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक सुरक्षा और पशु नियंत्रण से जुड़े मुद्दों को सामने ला दिया है।

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.