Heatwave – प्रदेश में बढ़ती गर्मी ने बढ़ाई परेशानी, पारा 43 पार जाने के दिखे आसार…
Heatwave – राजस्थान की ओर से आ रही गर्म हवाओं और तेज धूप ने प्रदेश में गर्मी का असर और तेज कर दिया है। बुधवार को सुबह से ही धूप काफी तीखी रही, जिससे दिनभर लोगों को लू जैसे हालात का सामना करना पड़ा। तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई, जहां अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर चला गया। न्यूनतम तापमान भी औसत से अधिक रहा, जिससे रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिली।

तापमान में लगातार बढ़ोतरी
मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया, जो सामान्य से अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान भी सामान्य से ऊपर रहा। विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है और यह 43 डिग्री के पार पहुंचने की संभावना है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवा ने दिनभर का मौसम तपिश भरा बनाए रखा।
गर्म हवाओं का असर और मौसम की स्थिति
विशेषज्ञों का कहना है कि महाराष्ट्र क्षेत्र में बने एक सिस्टम के कारण हवा की दिशा में बदलाव हुआ है, जिससे पश्चिमी दिशा से गर्म हवाएं लगातार चल रही हैं। हवा की गति भले तेज हो, लेकिन उसमें ठंडक नहीं है, जिससे गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही। 26 अप्रैल के आसपास एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे हल्के बादल आ सकते हैं, लेकिन इससे तापमान में ज्यादा गिरावट की उम्मीद नहीं है।
कई जिलों में हीट इंडेक्स खतरनाक स्तर पर
प्रदेश के कई जिलों में गर्मी का असर और ज्यादा महसूस किया गया। आगरा, प्रयागराज, वाराणसी और सुलतानपुर सहित कई जगहों पर हीट इंडेक्स 40 से 50 डिग्री के बीच रहा। इसका मतलब है कि वास्तविक तापमान से ज्यादा गर्मी लोगों को महसूस हुई। प्रयागराज और आसपास के इलाकों में तापमान सबसे ज्यादा दर्ज किया गया। इसके चलते मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए लू का अलर्ट जारी किया है।
स्वास्थ्य पर बढ़ता असर
गर्मी का असर अब लोगों की सेहत पर भी साफ दिखाई देने लगा है। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चों में खास तौर पर संक्रमण और डिहाइड्रेशन के मामले बढ़ रहे हैं। अस्पतालों की ओपीडी में रोज बड़ी संख्या में बच्चे पेट दर्द, उल्टी, दस्त और बुखार जैसी शिकायतों के साथ पहुंच रहे हैं। कुछ गंभीर मामलों में बच्चों को भर्ती भी करना पड़ रहा है।
अस्पतालों में मरीजों की बढ़ती संख्या
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में गर्मी से संबंधित बीमारियों के मरीजों की संख्या में तेजी आई है। अस्पतालों की इमरजेंसी में रोजाना ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं, जिन्हें तेज गर्मी और शरीर में पानी की कमी की समस्या है। खासतौर पर बुजुर्ग और बच्चे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
सावधानी बरतने की जरूरत
विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे दिन के समय तेज धूप में बाहर निकलने से बचें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। हल्के कपड़े पहनने और समय-समय पर पानी पीते रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन भी लोगों को सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां अपनाने की अपील कर रहा है।
प्रदेश में बढ़ती गर्मी ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना के बीच लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।