SolarStocks – अमेरिकी ड्यूटी फैसले से सोलर शेयरों में तेज गिरावट
SolarStocks – शुक्रवार को सोलर सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में अचानक गिरावट देखी गई, जिससे निवेशकों के बीच चिंता का माहौल बन गया। इस गिरावट के पीछे अमेरिका का हालिया कदम प्रमुख कारण माना जा रहा है, जिसमें भारत सहित कुछ एशियाई देशों से आने वाले सोलर उत्पादों पर भारी एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाने की घोषणा की गई है। बाजार खुलते ही कई प्रमुख कंपनियों के शेयर दबाव में आ गए और दिनभर उतार-चढ़ाव का माहौल बना रहा।

अमेरिकी फैसले ने बढ़ाई बाजार की बेचैनी
अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने भारत, इंडोनेशिया और लाओस से आयात किए जाने वाले सोलर सेल और पैनलों पर प्रारंभिक एंटी-डंपिंग शुल्क लगाने का फैसला किया है। यह कदम उस शिकायत के बाद उठाया गया, जिसमें अमेरिकी कंपनियों ने आरोप लगाया था कि इन देशों की कंपनियां कम कीमत पर उत्पाद बेचकर स्थानीय बाजार को प्रभावित कर रही हैं।
इस घोषणा के बाद वैश्विक सोलर कारोबार से जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर दबाव बढ़ गया। निवेशकों ने इसे भविष्य के व्यापार पर असर डालने वाला संकेत माना, जिससे बाजार में सतर्कता बढ़ी।
भारत के लिए ड्यूटी दर सबसे अधिक
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत से अमेरिका जाने वाले सोलर उत्पादों पर प्रस्तावित ड्यूटी दर काफी ऊंची रखी गई है। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार यह दर 123 प्रतिशत से अधिक तक पहुंच गई है। वहीं इंडोनेशिया के लिए यह दर लगभग 35 प्रतिशत और लाओस के लिए करीब 22 प्रतिशत के आसपास तय की गई है।
ये आंकड़े बताते हैं कि अमेरिकी बाजार में भारतीय कंपनियों के लिए प्रतिस्पर्धा करना अब पहले से अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है। खासकर उन कंपनियों के लिए, जिनका बड़ा कारोबार निर्यात पर निर्भर है।
अमेरिकी आयात में इन देशों की बड़ी हिस्सेदारी
भारत, इंडोनेशिया और लाओस का अमेरिका के कुल सोलर आयात में बड़ा योगदान है। इन तीनों देशों की संयुक्त हिस्सेदारी करीब दो-तिहाई बताई जाती है, जिसकी कुल कीमत लगभग 4.5 अरब डॉलर के आसपास है।
इस मामले में याचिका दायर करने वाले संगठनों में अमेरिका की कई प्रमुख सोलर मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां शामिल हैं। इनमें एरिजोना स्थित फर्स्ट सोलर, क्यूसेल्स और कुछ अन्य निजी कंपनियां भी शामिल हैं। अमेरिकी प्रशासन ने संकेत दिया है कि इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय आने वाले महीनों में अलग-अलग तारीखों पर घोषित किया जाएगा।
शेयर बाजार में कंपनियों पर दिखा असर
इस खबर का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार में सूचीबद्ध सोलर कंपनियों पर देखने को मिला। वारी एनर्जीज के शेयर दिन के कारोबार के दौरान पांच प्रतिशत से अधिक गिरकर करीब 3240 रुपये तक पहुंच गए। कंपनी के कारोबार में अमेरिकी बाजार की अहम भूमिका होने के कारण निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।
इसके अलावा, एक्मे सोलर, विक्रम सोलर और इंडोसोलर जैसी कंपनियों के शेयर भी दबाव में रहे और गिरावट के साथ बंद हुए। Waa सोलर लिमिटेड के शेयरों में भी छह प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, प्रीमियर एनर्जीज के शेयरों ने शुरुआती कमजोरी के बाद कुछ हद तक रिकवरी दिखाई और अंत में मामूली बढ़त के साथ बंद हुए।
आगे की दिशा पर टिकी नजर
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला वैश्विक सोलर उद्योग के व्यापार संतुलन को प्रभावित कर सकता है। यदि अंतिम ड्यूटी दरें इसी स्तर पर बनी रहती हैं, तो निर्यात आधारित कंपनियों को अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ सकता है।
फिलहाल बाजार की नजर अमेरिकी प्रशासन के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है, जो आने वाले समय में इस सेक्टर की दिशा तय करेगा।