Weather Alert – उत्तराखंड में ओलावृष्टि और बारिश से मौसम का बदला मिजाज
Weather Alert – उत्तराखंड में गुरुवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली, जहां देहरादून से लेकर पहाड़ी और मैदानी इलाकों तक बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने जनजीवन को प्रभावित किया। दोपहर बाद शुरू हुई बारिश के साथ कई जगहों पर ओले गिरने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और मौसम सामान्य से अधिक ठंडा महसूस हुआ।

अचानक बदले मौसम से बढ़ी ठंडक
प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन के समय ही घने बादलों ने आसमान को ढक लिया, जिससे अंधेरा जैसा माहौल बन गया। देहरादून में बारिश के बाद तापमान सामान्य से नीचे आकर 33.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कई स्थानों पर तेज हवाओं के कारण लोगों को आवागमन में भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ओलावृष्टि से जनजीवन प्रभावित
मसूरी और आसपास के क्षेत्रों में भारी ओलावृष्टि के कारण पूरा इलाका सफेद चादर जैसा नजर आने लगा। दोपहर बाद करीब दो घंटे तक लगातार ओले गिरते रहे, जिससे सड़कें, घरों की छतें और पहाड़ियां ढक गईं। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई जगहों पर ओले इतने बड़े थे कि पेड़ों के पत्ते भी क्षतिग्रस्त हो गए।
इस दौरान माल रोड पर पानी भर जाने से यातायात प्रभावित हुआ और दोपहिया वाहन भी जलभराव में फंस गए।
कृषि और स्थानीय जीवन पर असर
ओलावृष्टि का असर कृषि क्षेत्र पर भी देखने को मिला है। गेहूं की खड़ी फसल को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। कई स्थानों पर तेज हवाओं के कारण टेंट और अस्थायी ढांचे भी क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, प्रदेश में पांच मई तक मौसम अस्थिर रहने की संभावना है। इस अवधि में बारिश, तेज हवाएं और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 4000 मीटर से अधिक ऊंचाई पर बर्फबारी की संभावना जताई गई है। विभाग ने यात्रियों और स्थानीय लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।
पहाड़ी और कुमाऊं क्षेत्र में असर
कुमाऊं के हल्द्वानी, नैनीताल और आसपास के इलाकों में भी मौसम ने अचानक करवट ली। तेज आंधी और बारिश के कारण कई जगह पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आईं, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हुआ। कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित रही, हालांकि बाद में स्थिति को बहाल करने के प्रयास किए गए।
नैनीताल और भीमताल जैसे पर्यटन स्थलों पर मौसम का असर अलग रूप में देखने को मिला, जहां पर्यटकों ने हल्की ठंडक के बीच मौसम का आनंद लिया, वहीं स्थानीय लोगों को दैनिक कार्यों में कठिनाई का सामना करना पड़ा।
प्रशासन की निगरानी जारी
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। संवेदनशील इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
मौसम के इस बदलाव ने एक बार फिर पहाड़ी राज्यों में प्राकृतिक परिस्थितियों की अनिश्चितता को सामने ला दिया है, जहां कुछ घंटों में ही हालात पूरी तरह बदल जाते हैं।