AndhraRasam – गर्मियों में हल्का और स्वादिष्ट खाने का आसान विकल्प
AndhraRasam – गर्मियों के मौसम में ज्यादातर लोग ऐसा खाना पसंद करते हैं जो हल्का हो, जल्दी पच जाए और शरीर को ताजगी भी दे। ऐसे समय में आंध्रा शैली की रसम एक बेहतरीन विकल्प मानी जाती है। दक्षिण भारतीय भोजन में खास पहचान रखने वाली यह डिश अपने खट्टे-मीठे स्वाद और हल्के मसालों के कारण काफी पसंद की जाती है। खास बात यह है कि इसे बनाने में ज्यादा समय या मेहनत नहीं लगती।

हाल ही में शेफ कुणाल कपूर ने इस पारंपरिक रेसिपी को आसान तरीके से घर पर तैयार करने का तरीका साझा किया। आंध्रा में इसे ‘पाची पुलुसु’ के नाम से भी जाना जाता है। यह सामान्य रसम से थोड़ी अलग होती है क्योंकि इसमें सामग्री को ज्यादा पकाया नहीं जाता। यही वजह है कि इसका स्वाद ताजा और हल्का महसूस होता है।
इमली के पानी से तैयार होता है बेस
इस रेसिपी की सबसे खास चीज इसका इमली वाला बेस है। इसे तैयार करने के लिए इमली को कुछ समय तक पानी में भिगोया जाता है और बाद में उसका गाढ़ा पानी निकाल लिया जाता है। यही मिश्रण रसम का मुख्य स्वाद तय करता है।
इसके बाद कटे हुए प्याज, हरी मिर्च, करी पत्ता और हरा धनिया मिलाया जाता है। पारंपरिक तरीके में इन सामग्रियों को हल्का दबाकर मिलाया जाता है ताकि उनका प्राकृतिक स्वाद अच्छे से निकल सके। स्वाद संतुलित करने के लिए इसमें थोड़ा गुड़ भी डाला जाता है, जिससे खट्टेपन के साथ हल्की मिठास जुड़ जाती है।
तड़के से बढ़ता है स्वाद
रसम का अंतिम स्वाद उसके तड़के से और बेहतर हो जाता है। इसके लिए थोड़ा तेल गर्म कर उसमें जीरा, सूखी लाल मिर्च और करी पत्ता डाला जाता है। जब मसालों की खुशबू आने लगे तो इसे तैयार मिश्रण में डाल दिया जाता है।
यह तड़का रसम को पारंपरिक दक्षिण भारतीय स्वाद देता है। विशेषज्ञों के अनुसार कम तेल और सीमित मसालों के इस्तेमाल के कारण यह डिश हल्की होने के साथ हेल्दी भी मानी जाती है।
चावल और सूप दोनों तरह से खा सकते हैं
आंध्रा स्टाइल रसम को आमतौर पर गर्म चावल के साथ परोसा जाता है। कई लोग इसमें थोड़ा घी मिलाकर खाना पसंद करते हैं, जिससे इसका स्वाद और बढ़ जाता है। इसके अलावा इसे सूप की तरह भी पिया जा सकता है।
गर्मियों में हल्का भोजन चाहने वालों के लिए यह अच्छा विकल्प माना जाता है। खासकर जब भूख कम लग रही हो या भारी खाना खाने का मन न हो, तब यह डिश राहत देती है।
पाचन के लिए फायदेमंद मानी जाती है
विशेषज्ञों का कहना है कि इमली, करी पत्ता और हल्के मसालों से बनी यह रसम पाचन में मदद कर सकती है। इसकी पानीदार बनावट पेट पर ज्यादा दबाव नहीं डालती और गर्मियों में शरीर को हल्का महसूस कराने में मदद करती है।
कम तेल और मसालों के कारण यह उन लोगों के लिए भी बेहतर मानी जाती है जो हल्का और संतुलित भोजन पसंद करते हैं। खट्टा-मीठा स्वाद भूख बढ़ाने में भी सहायक माना जाता है।