CoalitionTalks – टीवीके समर्थन चर्चा से डीएमके और कांग्रेस में बढ़ी तल्खी
CoalitionTalks – तमिलनाडु की राजनीति में चुनाव परिणाम आने के बाद गठबंधन समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। अभिनेता और टीवीके प्रमुख विजय को समर्थन देने की चर्चाओं के बीच अब डीएमके और कांग्रेस के रिश्तों में तनाव खुलकर सामने आने लगा है। कांग्रेस द्वारा टीवीके को संभावित समर्थन दिए जाने की खबरों पर डीएमके ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे राजनीतिक विश्वासघात बताया है।

डीएमके ने कांग्रेस पर साधा सीधा निशाना
डीएमके प्रवक्ता श्रावणन अन्नादुरई ने एक समाचार चैनल से बातचीत में कांग्रेस के रुख पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को विधानसभा चुनाव में मिली सीटें डीएमके गठबंधन का हिस्सा होने की वजह से मिली थीं। उनका दावा था कि अगर कांग्रेस अकेले चुनाव मैदान में उतरती, तो उसका प्रदर्शन बेहद कमजोर रहता।
डीएमके की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि टीवीके प्रमुख विजय ने चुनाव प्रचार के दौरान न तो भारतीय जनता पार्टी पर सीधा हमला बोला और न ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की। पार्टी नेताओं का मानना है कि ऐसे समय में कांग्रेस का टीवीके के साथ जाने पर विचार करना गठबंधन राजनीति के लिहाज से बड़ा संकेत माना जा रहा है।
कांग्रेस में समर्थन को लेकर मंथन जारी
राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस नेतृत्व तमिलनाडु में सरकार गठन के मुद्दे पर लगातार चर्चा कर रहा है। मंगलवार रात पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की ऑनलाइन बैठक में इस विषय पर विचार-विमर्श हुआ। बताया जा रहा है कि कई नेताओं ने राज्य में एक धर्मनिरपेक्ष सरकार के समर्थन की बात रखी।
हालांकि, पार्टी की ओर से अब तक कोई अंतिम घोषणा नहीं की गई है। यह भी चर्चा है कि कांग्रेस इस बात पर विचार कर रही है कि टीवीके सरकार को बाहर से समर्थन दिया जाए या सरकार में शामिल होकर साझेदारी की जाए।
हाईकमान ने राज्य इकाई को दिए संकेत
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल और तमिलनाडु प्रभारी गिरीश चोडानकर के बीच इस मुद्दे पर अलग से बातचीत हुई। इसके बाद राज्य इकाई को स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने के निर्देश दिए गए।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि मौजूदा राजनीतिक स्थिति में कोई भी फैसला काफी सोच-समझकर लिया जाएगा, क्योंकि इसका असर भविष्य की गठबंधन राजनीति पर भी पड़ सकता है।
विजय ने मांगा था कांग्रेस का समर्थन
जानकारी के अनुसार, टीवीके प्रमुख विजय ने कांग्रेस नेतृत्व से संपर्क कर सरकार गठन के लिए सहयोग का अनुरोध किया था। कांग्रेस नेताओं ने भी संकेत दिए हैं कि राज्य में ऐसा राजनीतिक विकल्प तैयार करने पर विचार हो रहा है, जो संविधान और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध हो।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों पर गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस नहीं चाहती कि तमिलनाडु की राजनीति में भाजपा का प्रभाव बढ़े।
बहुमत के आंकड़े पर टिकी निगाहें
234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और उसे 108 सीटें मिली हैं। सरकार बनाने के लिए पार्टी को अतिरिक्त समर्थन की जरूरत है। कांग्रेस के पास पांच विधायक हैं, जबकि अन्य छोटे दलों और वामपंथी पार्टियों के पास भी कुछ सीटें मौजूद हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले कुछ दिनों में तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं। कांग्रेस का अंतिम फैसला न केवल सरकार गठन बल्कि राज्य की भविष्य की राजनीतिक दिशा तय करने में भी अहम भूमिका निभा सकता है।