RiyanParag – कप्तानी और प्रदर्शन पर मांजरेकर ने उठाए राजस्थान रॉयल्स से सवाल
RiyanParag – राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग को लेकर पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर का बयान चर्चा में आ गया है। उन्होंने टीम प्रबंधन के फैसलों पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए पराग को कप्तानी सौंपना क्रिकेट के लिहाज से पूरी तरह समझ नहीं आता। मांजरेकर ने एक पॉडकास्ट बातचीत के दौरान यह प्रतिक्रिया दी, जहां उन्होंने रियान पराग के आत्मविश्वास की तारीफ भी की, लेकिन उनके प्रदर्शन और नेतृत्व को लेकर कई गंभीर बातें सामने रखीं।

राजस्थान रॉयल्स ने इस सीजन में संजू सैमसन के टीम से अलग होने के बाद कप्तानी की जिम्मेदारी रियान पराग को दी थी। शुरुआती दौर में इस फैसले को लेकर काफी चर्चा हुई थी। आईपीएल 2025 में टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था, लेकिन मौजूदा सीजन में राजस्थान ने अब तक 10 में से 6 मुकाबलों में जीत दर्ज की है। इसके बावजूद कप्तानी को लेकर बहस थमने का नाम नहीं ले रही है।
प्रदर्शन और कप्तानी पर उठे सवाल
संजय मांजरेकर ने कहा कि राजस्थान रॉयल्स ने रियान पराग को लगातार लंबे समय तक समर्थन दिया है, जो उन्हें थोड़ा असामान्य लगता है। उनके अनुसार, टीम ने पराग पर जिस स्तर का भरोसा दिखाया है, वह अब तक के प्रदर्शन के मुकाबले काफी बड़ा फैसला माना जा सकता है। मांजरेकर ने यह भी संकेत दिया कि कप्तानी जैसे अहम रोल के लिए अनुभव और निरंतर प्रदर्शन दोनों जरूरी होते हैं।
रियान पराग साल 2019 से राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा हैं। आईपीएल 2026 में अब तक वह 10 पारियों में 207 रन बना चुके हैं। इनमें एक शानदार पारी 90 रन की रही, जो उन्होंने हाल ही में खेली। हालांकि बाकी मुकाबलों में उनका बल्ला लगातार प्रभाव नहीं छोड़ पाया। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि टीम मैनेजमेंट ने उनके नेतृत्व गुणों और लंबे निवेश को ध्यान में रखते हुए यह जिम्मेदारी दी है।
अनुशासन से जुड़े मामले भी चर्चा में
हाल के दिनों में रियान पराग मैदान के बाहर की वजहों से भी सुर्खियों में रहे। एक मैच के दौरान उन्हें नियमों के उल्लंघन से जुड़ी गतिविधि में पकड़ा गया था, जिसके बाद बीसीसीआई ने उन पर जुर्माना लगाया। बोर्ड ने उनकी 25 प्रतिशत मैच फीस काटने के साथ चेतावनी भी जारी की थी। इस घटना के बाद सोशल मीडिया और क्रिकेट हलकों में उनकी पेशेवर जिम्मेदारी को लेकर चर्चा तेज हो गई।
मांजरेकर ने बातचीत में कहा कि पराग का आत्मविश्वास हमेशा अलग नजर आता है। उन्होंने बताया कि खराब दौर में भी पराग का व्यवहार ऐसा रहता था, जैसे वह पूरी तरह अपने खेल पर भरोसा रखते हों। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कई बार यही रवैया दर्शकों को जरूरत से ज्यादा आक्रामक या आत्ममुग्ध भी लग सकता है।
युवा खिलाड़ी के तौर पर क्षमता बरकरार
पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने यह भी माना कि रियान पराग में प्रतिभा की कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि पराग कई बार छोटी लेकिन प्रभावशाली पारियां खेलते रहे हैं, जिनमें उनके शॉट चयन और स्ट्रोक प्ले ने सभी का ध्यान खींचा। हालांकि, बड़ी पारियों में निरंतरता की कमी उनके करियर की सबसे बड़ी चुनौती रही है।
राजस्थान रॉयल्स के लिए आने वाले मुकाबले काफी अहम माने जा रहे हैं। टीम फिलहाल प्लेऑफ की दौड़ में बनी हुई है और ऐसे में कप्तान के तौर पर रियान पराग पर अतिरिक्त जिम्मेदारी होगी। क्रिकेट प्रशंसकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि वह आलोचनाओं के बीच अपने प्रदर्शन और नेतृत्व से किस तरह जवाब देते हैं।