CRIME – रूह कपा देने वाली खबर! दोस्ती के नाम पर पार की अमानवीयता की सारी हदें…
CRIME – उत्तराखंड के चंपावत जिले से एक रूह कपा देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ दोस्ती के नाम पर एक नाबालिग किशोरी के साथ अमानवीयता की सारी हदें पार कर दी गईं। एक शादी समारोह में शामिल होने गई 16 वर्षीय किशोरी को बंधक बनाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। इस घटना ने न केवल क्षेत्र में आक्रोश पैदा कर दिया है, बल्कि पहाड़ की शांत वादियों में महिलाओं की सुरक्षा पर भी बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश तेज कर दी है।

शादी के बहाने बुलाकर रची गई खौफनाक साजिश
घटनाक्रम की शुरुआत 5 मई की शाम को हुई, जब चंपावत की एक दुकान में काम करने वाली किशोरी अपने घर नहीं लौटी। चिंतित पिता ने जब उससे संपर्क किया, तो उसने बताया कि वह अपने दोस्त विनोद सिंह रावत के साथ सल्ली गांव में एक विवाह कार्यक्रम में आई है। हालांकि, जब देर रात तक उसकी वापसी नहीं हुई और अचानक फोन कटने के बाद मोबाइल स्विच ऑफ हो गया, तो परिवार अनहोनी की आशंका से घबरा गया। पिता ने बिना समय गंवाए पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद तलाशी अभियान शुरू किया गया।
निर्वस्त्र और बेसुध हालत में मिली पीड़िता
अगली सुबह करीब 4 बजे, पुलिस और ग्रामीणों की खोजबीन सल्ली गांव के एक सुनसान कमरे पर जाकर थमी। वहां का नजारा बेहद विचलित करने वाला था। किशोरी एक कमरे में निर्वस्त्र अवस्था में मिली, उसके हाथ-पैर रस्सियों से बंधे हुए थे और वह पूरी तरह डरी-सहमी थी। शुरुआती जांच में पता चला कि आरोपियों ने उसे वहां बंधक बनाकर रखा था। पीड़िता ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि उसके साथ किस तरह की दरिंदगी की गई है।
चाकू की नोक पर तीन लोगों ने किया गैंगरेप
किशोरी ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि विनोद सिंह रावत (20 वर्ष), नवीन सिंह (30 वर्ष) और एक पूर्व भाजपा मंडल उपाध्यक्ष पूरन सिंह रावत (45 वर्ष) ने उसके गले पर चाकू रखकर जान से मारने की धमकी दी। इस खौफनाक दहशत के बीच तीनों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। वारदात को अंजाम देने के बाद उन्होंने साक्ष्य मिटाने और पहचान छुपाने के इरादे से पीड़िता को रस्सी से बांधकर कमरे में बंद कर दिया और मौके से फरार हो गए।
आरोपियों में राजनीतिक पहुंच वाला व्यक्ति और भावी अग्निवीर शामिल
इस मामले के सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। आरोपी पूरन सिंह रावत पूर्व में भाजपा का मंडल उपाध्यक्ष और ग्राम प्रधान रह चुका है, हालांकि पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि उसे वर्तमान कार्यकारिणी में कोई पद नहीं दिया गया था। वहीं, एक अन्य आरोपी विनोद सिंह रावत के बारे में जानकारी मिली है कि उसका चयन हाल ही में ‘अग्निवीर’ के रूप में हुआ था और वह अपनी जॉइनिंग का इंतजार कर रहा था। ऐसे गंभीर अपराध में संभावित सैन्य रंगरूट का नाम आने से प्रशासन भी सख्त रुख अपना रहा है।
चंपावत पुलिस की कार्रवाई और फॉरेंसिक जांच
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए चंपावत की एसपी रेखा यादव ने बताया कि कोतवाली में आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की एक विशेष फॉरेंसिक टीम ने घटना स्थल यानी सल्ली स्थित डेयरी के पास बने कमरे से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण जिला अस्पताल में कराया गया है और कोर्ट में उसके बयान दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। बाल कल्याण समिति (CWC) ने भी पीड़िता की काउंसलिंग की है, जिसके बाद उसे उसके पिता के संरक्षण में भेज दिया गया है।
पहाड़ में बढ़ती आपराधिक घटनाएं चिंता का विषय
यह चंपावत जिले में पिछले कुछ वर्षों के भीतर सामूहिक दुष्कर्म की चौथी बड़ी वारदात है। 2023 और 2024 में भी इसी तरह के मामले सामने आए थे, जिसने स्थानीय निवासियों के बीच असुरक्षा की भावना भर दी है। देवभूमि के नाम से विख्यात उत्तराखंड में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते इस प्रकार के जघन्य अपराध पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली और सामाजिक ढांचे पर गंभीर प्रश्न उठाते हैं। फिलहाल पुलिस की टीमें फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं।