WeatherAlert – झारखंड में फिर बदलेगा मौसम, कई जिलों में बारिश का अनुमान
WeatherAlert – झारखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में तेज हवा, बारिश और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है। राजधानी रांची समेत कई हिस्सों में शनिवार को आंधी के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। विभाग के अनुसार कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

मौसम विभाग ने गोड्डा, साहिबगंज, दुमका, पाकुड़, देवघर, जामताड़ा, गिरिडीह, धनबाद, बोकारो, खूंटी, सिमडेगा और कोल्हान क्षेत्र के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। इन जिलों में गरज के साथ तेज बारिश और वज्रपात की आशंका जताई गई है।
कई जिलों में हुई बारिश, तापमान में गिरावट
पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी सिंहभूम में सबसे अधिक 35.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा रांची और रामगढ़ सहित कई क्षेत्रों में बूंदाबांदी और हल्की वर्षा हुई।
बारिश के कारण अधिकांश जिलों का तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है। रांची में अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह सामान्य तापमान से लगभग चार से पांच डिग्री कम है।
मौसम बदलाव की वजह क्या है
मौसम विभाग ने बताया कि मध्य प्रदेश से झारखंड तक एक ट्रफ लाइन सक्रिय है। इसके अलावा ओडिशा के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण छत्तीसगढ़ तक फैला हुआ है। इसी सिस्टम के प्रभाव से झारखंड में मौसम अस्थिर बना हुआ है और अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
रांची मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने कहा कि अगले चार दिनों तक राज्य में मौसम का उतार-चढ़ाव बना रहेगा। उन्होंने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और खुले स्थानों से दूर रहने की अपील की है।
जलवायु परिवर्तन पर विशेषज्ञों ने जताई चिंता
रांची प्रेस क्लब में आयोजित एक कार्यशाला में मौसम विशेषज्ञों ने बढ़ती गर्मी और बदलते मौसम पैटर्न पर चिंता जताई। ‘असर’ संस्थान की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने झारखंड में बढ़ते तापमान और हीट वेव की घटनाओं पर चर्चा की।
मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि बीता दशक झारखंड के लिए सबसे अधिक गर्म रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में लू वाले दिनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 में रांची में हीट वेव का एक भी दिन दर्ज नहीं हुआ था, जबकि 2022 में 33 दिन तक लू चली थी।
भविष्य में बढ़ सकती हैं मौसम संबंधी चुनौतियां
विशेषज्ञों का कहना है कि ग्लोबल वॉर्मिंग और तेजी से हो रहे शहरीकरण का असर झारखंड के मौसम पर साफ दिखाई दे रहा है। भूगर्भ वैज्ञानिक डॉ. नितीश प्रियदर्शी ने कहा कि रांची, जो कभी अपने ठंडे और सुहावने मौसम के लिए जानी जाती थी, अब तेजी से कंक्रीट के शहर में बदल रही है।
उन्होंने बताया कि हरियाली कम होने और निर्माण कार्य बढ़ने से रात का तापमान भी बढ़ रहा है। इसका असर लोगों की जीवनशैली पर भी दिखाई दे रहा है और अब गर्मी के मौसम में पंखे और एसी की जरूरत लगातार बढ़ती जा रही है।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। तेज आंधी और वज्रपात की आशंका को देखते हुए खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने को कहा गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में मौसम का यह उतार-चढ़ाव और अधिक देखने को मिल सकता है। ऐसे में मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देना और समय-समय पर अपडेट लेते रहना जरूरी होगा।