LenskartStock – लॉकइन खत्म होते ही लेंसकार्ट शेयरों पर बढ़ी बाजार की नजर
LenskartStock – आईवियर कंपनी लेंसकार्ट सॉल्यूशंस के शेयर शुक्रवार को बाजार में खास चर्चा में रहे। इसकी बड़ी वजह कंपनी के शेयरधारकों का लॉक-इन पीरियड समाप्त होना और उसी दिन बड़े पैमाने पर ब्लॉक डील की तैयारी मानी जा रही है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इन दोनों घटनाओं का असर शेयर की चाल पर दिखाई दे सकता है।

लॉक-इन खत्म होने के बाद बढ़ी ट्रेडिंग की संभावना
मार्केट रिसर्च फर्म नुवामा अल्टरनेटिव एंड क्वांटिटेटिव रिसर्च के अनुसार लेंसकार्ट के करीब 104.74 करोड़ शेयर अब कारोबार के लिए उपलब्ध हो गए हैं। यह कंपनी की कुल इक्विटी का लगभग 60 फीसदी हिस्सा बताया जा रहा है।
गुरुवार के बंद भाव 492.4 रुपये के आधार पर इन शेयरों की अनुमानित वैल्यू 51 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा बैठती है। हालांकि लॉक-इन अवधि समाप्त होने का यह मतलब नहीं है कि सभी शेयर तुरंत बाजार में बेच दिए जाएंगे। इसका अर्थ केवल इतना है कि अब संबंधित निवेशकों को इन शेयरों में ट्रेडिंग की अनुमति मिल गई है।
बड़े निवेशकों की ब्लॉक डील की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक कुछ मौजूदा निवेशक ब्लॉक डील के जरिए अपनी हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रहे हैं। बताया जा रहा है कि करीब 7 करोड़ शेयरों की बिक्री हो सकती है, जिसकी कुल वैल्यू लगभग 2900 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
जानकारी के अनुसार यदि निवेशकों की मांग अधिक रहती है तो डील का आकार बढ़ाया भी जा सकता है। इस खबर के बाद बाजार में लेंसकार्ट के शेयरों को लेकर हलचल तेज हो गई है।
कौन बेच सकता है हिस्सेदारी
रिपोर्ट्स के अनुसार बर्ड्स आई व्यू होल्डिंग्स, TR Capital Mauritius, ABG Capital और करीबा होल्डिंग्स जैसे निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में हैं। वहीं अल्फा वेब नामक निवेशक के बारे में कहा गया है कि उस पर आगे 90 दिनों का अतिरिक्त लॉक-इन लागू रहेगा।
मार्च तिमाही के शेयरहोल्डिंग डेटा के मुताबिक अल्फा वेब के पास कंपनी में करीब 7 फीसदी हिस्सेदारी है। जबकि बर्ड्स आई व्यू होल्डिंग्स के पास लगभग 1.92 फीसदी हिस्सेदारी दर्ज की गई थी।
बाजार भाव से कम कीमत पर डील
ब्लॉक डील के लिए प्रति शेयर कीमत 470 रुपये तय किए जाने की चर्चा है। यह कीमत गुरुवार के क्लोजिंग प्राइस से करीब 3.6 फीसदी कम है। आमतौर पर बड़े सौदों में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कुछ डिस्काउंट दिया जाता है।
विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह की डील में संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी बनी रह सकती है, खासकर तब जब शेयर बाजार में कंपनी की पकड़ मजबूत मानी जा रही हो।
शेयर में दिख सकती है उतार-चढ़ाव की स्थिति
गुरुवार को लेंसकार्ट का शेयर लगभग 2.2 फीसदी गिरावट के साथ 492.4 रुपये पर बंद हुआ था। इसके बावजूद कंपनी का शेयर अब भी अपने इश्यू प्राइस 402 रुपये से ऊपर बना हुआ है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी मात्रा में शेयर उपलब्ध होने और ब्लॉक डील जैसे घटनाक्रमों के चलते निकट भविष्य में स्टॉक में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। हालांकि लंबे समय के निवेशक कंपनी की ग्रोथ और बाजार विस्तार पर भी नजर बनाए हुए हैं।
निवेशकों को क्या रखना चाहिए ध्यान
विशेषज्ञों की सलाह है कि ऐसे समय में निवेशकों को केवल बाजार की हलचल देखकर फैसला नहीं लेना चाहिए। ब्लॉक डील, लॉक-इन समाप्ति और शेयर की वास्तविक मांग जैसे सभी पहलुओं को समझना जरूरी है।
कंपनी की कारोबारी स्थिति, वित्तीय प्रदर्शन और भविष्य की योजनाओं पर ध्यान देना निवेश के लिहाज से अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है।